मिडल ईस्ट की जंग: बेसहारा नहीं छूटेंगे बेजुबान, पालतू कुत्ते-बिल्ली संग वतन लौट सकेंगे भारतीय

Updated at : 21 Mar 2026 12:22 PM (IST)
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Indians allowed importing pets Middle East War

तस्वीर में कुत्ता और बिल्ली है. इमेज सोर्स- फ्रीपिक

Middle East War: मिडल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच वहां फंसे भारतीयों के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ी राहत दी है. अब वहां से सुरक्षित लौट रहे भारतीय अपने साथ पालतू कुत्ते और बिल्लियां भी भारत ला सकेंगे. असल में, युद्ध के हालातों को देखते हुए सरकार ने पालतू जानवरों के इम्पोर्ट (आयात) नियमों में 'वन-टाइम रिलैक्सेशन' यानी एक बार के लिए ढील देने का फैसला किया है.

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Middle East War: सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने सोमवार को इस बारे में सर्कुलर जारी कर दिया है. यह फैसला एनिमल हसबेंडरी एंड डेयरी विभाग (DAHD) के उस मेमोरेंडम के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि युद्ध जैसे असाधारण हालातों में पुराने कागजी नियमों को पूरा करना मुश्किल है. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध की वजह से लोग अपने पालतू जानवरों को वहीं बेसहारा छोड़ रहे थे, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

पेट्स लाने के लिए माननी होंगी ये 3 शर्तें

नियमों में ढील तो मिली है, लेकिन DAHD ने इसके लिए तीन जरूरी शर्तें भी रखी हैं. पहली शर्त यह है कि पेट मालिक को यह डिक्लेअर करना होगा कि वह जानवर पिछले कम से कम एक महीने से उनके साथ ही रह रहा था. दूसरी शर्त के तौर पर पालतू जानवर का वैक्सीनेशन रिकॉर्ड, पेट पासपोर्ट या पेट बुक दिखाना होगा. अगर वैक्सीनेशन में देरी हुई है या डॉक्यूमेंट्स अधूरे हैं, तो भी इस स्थिति में विचार किया जाएगा. तीसरी शर्त यह है कि अगर जानवर को किसी पास के देश से लाया जा रहा है, तो एयरपोर्ट पर वहां के लोकल वेटरनरी डॉक्टरों से चेकअप कराने की कोशिश करनी होगी.

बिना कागजात भी मिल सकेगी एंट्री

आमतौर पर भारत में पालतू जानवर लाने के लिए कई तरह के हेल्थ सर्टिफिकेट और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की जरूरत होती है, लेकिन अभी इसे आसान बना दिया गया है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी के पास वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट नहीं भी है, तो भी पोर्ट ऑफ एंट्री (जहां से भारत में घुसेंगे) पर क्लीनिकल चेकअप और रेबीज का टीका लगवाकर एंट्री मिल सकती है. हालांकि, फाइनल क्लियरेंस एनिमल क्वारंटाइन एंड सर्टिफिकेशन सर्विसेज (AQCS) ही देगी. सरकार ने साफ किया है कि यह छूट सिर्फ अभी के संकट के लिए है और इसे भविष्य के लिए उदाहरण नहीं माना जाना चाहिए.

एयर इंडिया के पायलटों को भी मिली छूट

युद्ध का असर फ्लाइट्स पर भी पड़ा है. मिडल ईस्ट का एयरस्पेस बंद होने के कारण एयर इंडिया की उड़ानों को अब मिस्र (Egypt) के रास्ते यूरोप और अमेरिका जाना पड़ रहा है, जिससे सफर लंबा हो गया है. इसी को देखते हुए एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एयर इंडिया के पायलटों के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम (FDTL) के नियमों में 30 अप्रैल तक अस्थाई ढील दी है. पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि लंबे रूट की वजह से पायलटों की ड्यूटी टाइमिंग में दिक्कत न आए.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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