देश में वंदे भारत की तर्ज पर चलेगी फ्रेट ईएमयू, जानिए क्या है सुपरफास्ट पार्सल सेवा ट्रेन की खासियत

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देश में वंदे भारत की तर्ज पर चलेगी फ्रेट ईएमयू, जानिए क्या है सुपरफास्ट पार्सल सेवा ट्रेन की खासियत

वंदे भारत मालगाड़ियों की रफ्तार काफी ज्यादा होगी. ये 160 किमी प्रति घंटा की गति से चलेंगी. कंटेनर परिवहन के लिहाज से इसे ऐसा ही डिजाइन किया गया है. इन ट्रेनों में ऑटोमेटिक स्लाइडिंग डोर लगे होंगे. सामान रखने के लिए 1800 मिमी चौड़े रैक लगे होंगे.

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भारतीय रेलवे की ओर से सेमी सुपरफास्ट वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद अब रेलवे उसी की तर्ज पर सुपरफास्ट मालगाड़ी चलाने की योजना बना रही है. रेलवे ने एक पत्र के जरिये इसकी जानकारी दी है. रेलवे ने कहा है कि वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के बीच सुपरफास्ट मालगाड़ी चलाने का फैसला किया गया है. इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने क्षेत्रीय रेलवे महाप्रबंधकों को 11 अक्टूबर को एक पत्र भी लिखा है. रेलवे ने इसका नाम फ्रेट ईएमयू रखा है.

सुपर फास्ट मालगाड़ी का रेलवे ने नाम रखा है ‘फ्रेट ईएमयू’: रेलवे की ओर से लिखे गये पत्र से यह जानकारी मिली है कि वंदे भारत ट्रेन की तर्ज पर चलने वाली इस मालगाड़ी का नाम फ्रेट ईएमयू (Freight EMU) रखा गया है. यह ट्रेनें एक सुपरफास्ट पार्सल ट्रेन सेवा के रूप में काम करेंगी. इसका उद्देश्य होगा जल्द से जल्द सामानों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना. यानी यह ट्रेन अभी की तुलना में काफी कम समय में सामानों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा देगी.

कई सुविधाओं से होंगी लैस: वंदे भारत मालगाड़ियों की रफ्तार काफी ज्यादा होगी. ये 160 किमी प्रति घंटा की गति से चलेंगी. कंटेनर परिवहन के लिहाज से इसे ऐसा ही डिजाइन किया गया है. इन ट्रेनों में ऑटोमेटिक स्लाइडिंग डोर लगे होंगे. सामान रखने के लिए 1800 मिमी चौड़े रैक लगे होंगे. इसके कंटेनरों को भी तापमान के प्रति संवेदनशील बनाया गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वंदे भारत ट्रेन के लिये कोच का निर्माण करने वाली चेन्नई स्थित समन्वित यान फैक्ट्री दिसंबर तक फ्रेट ईएमयू रैक बनाएगी.

मीडिया रिपोर्ट और मिली जानकारी के अनुसार फ्रेट ईएमयू वंदे भारत ट्रेन से थोड़ा अलग होंगी. फ्रेट ईएमयू पूरी तरह से पैक होंगी इसमें किसी तरह की खिड़की नहीं होगी. इसके डिब्बे अलग-अलग होंगे. सबसे बड़ी बात कि तापमान के प्रति संवेदनशील होने के कारण हरी सब्जियों और फलों को ले जाने और लाने में इसके खराब होने की संभावना काफी कम हो जाएगी.

भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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