भारत का मास्टरस्ट्रोक: बांग्लादेश को झटका, चीन की दोस्ती अब पड़ेगी महंगी
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Apr 2025 8:32 PM
Muhammad Yunus
India Bangladesh Relations: चीन से नजदीकी बढ़ाना बांग्लादेश को महंगा पड़ गया है. भारत ने पड़ोसी देश को तगड़ा झटका दिया. अब बांग्लादेश के लिए पड़ोसी देशों के साथ कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा. दरअसल भारत ने बांग्लादेश से ट्रांसशिपमेंट सुविधा (Transshipment facility ) छीन लिया है.
India Bangladesh Relations: भारत सरकार ने बांग्लादेश से बंदरगाहों और हवाई अड्डों के रास्ते में किसी तीसरे देश को निर्यात करने के लिए भारतीय भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों का उपयोग करने की अनुमति देने वाली ट्रांसशिपमेंट सुविधा (Transshipment facility ) को समाप्त कर दिया है. भारतीय निर्यातकों ने सरकार से पड़ोसी देश को दी गई यह सुविधा वापस लेने का आग्रह किया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा के कारण पिछले कुछ समय से हमारे हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर काफी भीड़भाड़ हो रही थी. लॉजिस्टिक्स में देरी और उच्च लागत के कारण हमारे अपने निर्यात में बाधा आ रही थी और बैकलॉग बढ़ रहा था. इसलिए, यह सुविधा 8 अप्रैल, 2025 से वापस ले ली गई है. स्पष्ट करने के लिए, ये उपाय भारतीय क्षेत्र से होकर नेपाल या भूटान को बांग्लादेश से होने वाले निर्यात को प्रभावित नहीं करेंगे.”
भारत ने जून 2020 में बांग्लादेश को दिया था सुविधा
भारत ने जून, 2020 में बांग्लादेश को ट्रांसशिपमेंट सुविधा प्रदान किया था. इस सुविधा ने भूटान, नेपाल और म्यांमा जैसे देशों में बांग्लादेश के निर्यात के लिए सुचारू व्यापार प्रवाह को सक्षम बनाया था.
पहले से प्रवेश किए बांग्लादेशी कार्गो को छोड़ना होगा भारत
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के आठ अप्रैल के परिपत्र में कहा गया, “29 जून, 2020 के संशोधित परिपत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया गया है. भारत में पहले से प्रवेश किए गए कार्गो को भारतीय क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति दी जा सकती है.”
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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