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देश को जल्द मिलेगी सबसे सस्ती कोरोना वैक्सीन, Corbevax के नाम से बन रहा है स्वदेशी टीका

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
देश को जल्द मिलेगा सबसे सस्ता कोरोना वैक्सीन.
देश को जल्द मिलेगा सबसे सस्ता कोरोना वैक्सीन.
फाइल फोटो

नयी दिल्ली : देश को अगले कुछ महीनों में एक और स्वदेशी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) मिलने की उम्मीद है. सबसे खास बात यह होगी कि इस वैक्सीन की कीमत अभी तक के सभी वैक्सीन की कीमतों से कम होगी. भारत की सबसे पुरानी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी बायोलॉजिकल ई 'कोर्बेवैक्स' (Corbevax) के नाम से इस वैक्सीन को तैयार कर रही है. कहा जा रहा है कि इस वैक्सीन के एक डोज की कीमत 250 रुपये होगी.

बायोलॉजिकल-ई की एमडी महिमा डाटला ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए साक्षात्कार में इस बात के संकेत दिये है कि इस वैक्सीन की कीमत 250 रुपये प्रति डोज होगी और यह देश की सबसे सस्ती वैक्सीन होगी. कोरोना से बचाव के लिए इस वैक्सीन के भी दो डोज लेने होंगे. केंद्र सरकार ने कंपनी को 1500 करोड़ रुपये एडवांस में दे दिये हैं और करीब 30 करोड़ डोज पहले ही बुक कर लिया है.

देश में अभी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से बनायी गयी वैक्सीन कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-V लोगों को लगायी जा रही है. केंद्र सरकार देश के 45 प्लस नागरिकों को फ्री में टीका लगवा रही है. वहीं 18 प्लस के लिए केंद्र ने राज्यों और प्राइवेट अस्पतालों को सीधे कंपनी से टीका खरीदने की अनुमति पहले ही दे दी है.

कंपनियों ने राज्य सरकारों के लिए अपनी दर भी सार्वजनिक कर दी है. कोविशील्ड के एक डोज की कीमत राज्यों के लिए 300 रुपये है और प्राइवेट अस्पतालों के लिए कीमत 600 रुपये है. वहीं कोवैक्सीन की एक डोज कंपनी राज्यों को 400 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों को 1200 रुपये में उपलब्ध करा रही है. इसी प्रकार स्पूतनिक-V के एक डोज की कीमत 995 रुपये रखी गयी है.

बता दें कि सरकार ने कोर्बेवैक्स के लिए ऑर्डर तो दे दिया है, लेकिन कहा जा रहा है कि अभी तक इस वैक्सीन का तीसरे फेज का ट्रायल पूरा नहीं हुआ है. और न ही इसे भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिली है. हालांकि कंपनी ने वैक्सीन का उत्पादन शुरू कर दिया है. कंपनी को उम्मीद है कि अगले एक-दो महीने में वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी मिल जायेगी.

कंपनी ने दावा किया है कि अगस्त से हर महीने करीब साढ़े सात से आठ करोड़ वैक्सीन का उत्पादन किया जा सकेगा. अगर ऐसा होता है तो देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं रह जायेगी. क्योंकि भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ने भी उत्पादन बढ़ाने की बात कही है. इधर, सीरम इंस्टीट्यूट को भारत में ही स्पूतनिक-V के उत्पादन का अप्रूवल मिल गया है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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