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भारत का रूस के साथ गहरा संबंध, विक्टरी डे परेड में शामिल होने मास्को पहुंचे राजनाथ ने कही यह बात

Updated at : 23 Jun 2020 10:15 PM (IST)
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भारत का रूस के साथ गहरा संबंध, विक्टरी डे परेड में शामिल होने मास्को पहुंचे राजनाथ ने कही यह बात

मास्को : विश्व में कोरोनावायरस संकट के बीच रूस में आयोजित विक्टरी डे परेड में भाग लेने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मास्को में हैं. बुधवार को इस परेड का आयोजन किया जायेगा. राजनाथ ने आज भारतीय दूतावास परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित की. मास्को से श्री सिंह ने ट्वीट किया कि मास्को में कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय डेलिगेशन का यह पहला दौरा है. यह भारत और रूस की खास दोस्ती का प्रमाण है.

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मास्को : विश्व में कोरोनावायरस संकट के बीच रूस में आयोजित विक्टरी डे परेड में भाग लेने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मास्को में हैं. बुधवार को इस परेड का आयोजन किया जायेगा. राजनाथ ने आज भारतीय दूतावास परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित की. मास्को से श्री सिंह ने ट्वीट किया कि मास्को में कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय डेलिगेशन का यह पहला दौरा है. यह भारत और रूस की खास दोस्ती का प्रमाण है.

द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय की 75वीं वर्षगांठ पर मास्को में आयोजित होने वाले एक भव्य सैन्य परेड में भाग लेने पहुंचे राजनाथ ने कहा कि भारतीय सैनिक भी सोवियत आर्मी को सहायता पहुंचाने में शहीद हुए थे. सिंह ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘मास्को में आज भारतीय दूतावास का दौरा किया और महात्मा गांधी को उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विनम्र श्रद्धांजलि दी.’

ट्वीट के साथ जारी तस्वीरों में सिंह फेस मास्क पहने और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते दिख रहे हैं. परेड में भाग लेने के लिए 75 सदस्यीय भारतीय सैन्य टुकड़ी पहले ही मास्को पहुंच चुकी है. भारतीय टीम चीन सहित कम से कम 11 देशों के सशस्त्र बल के जवानों के साथ परेड में भाग लेगी.

इस बड़ी डील पर होगी चर्चा

चीन के साथ जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ के रूस दौरे के दौरान एक बड़ी डील पर चर्चा होगी. ऐसा माना जा रहा है कि राजनाथ रूस से समय पर एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने तथा द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तारित करने के तौर-तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं. राजनाथ रूस के उच्च सैन्य अधिकारियों के साथ वार्ता करेंगे.

माना जाता है कि रक्षा मंत्री इस दौरान रूस के नेताओं के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य तथा समूचे रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा कर सकते हैं. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर विदेश यात्रा पर प्रतिबंध के बाद चार महीने में किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा है.

रूस रवाना होने से पहले सिंह ने ट्वीट किया था, ‘तीन दिवसीय यात्रा पर मास्को रवाना हो रहा हूं. यह यात्रा भारत-रूस रक्षा और सामरिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए बातचीत का अवसर देगी. मुझे मास्को में 75वीं विजय दिवस परेड में भी शामिल होना है.’ अधिकारियों ने कहा कि चीन के साथ सीमा पर तनाव होने के बावजूद सिंह ने रूस की यात्रा स्थगित नहीं की क्योंकि रूस के साथ भारत के दशकों पुराने सैन्य संबंध हैं.

भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों की ट्रंप प्रशासन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए अक्टूबर 2018 में एस-400 हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली की पांच इकाइयां खरीदने के लिए रूस के साथ पांच अरब डॉलर के करार पर दस्तखत किये थे. भारत ने मिसाइल प्रणाली के लिए पिछले साल रूस को लगभग 80 करोड़ डॉलर की किस्त का पहला भुगतान किया था. मॉस्को को अगले साल की दूसरी छमाही में प्रणाली उपलब्ध कराने की शुरुआत करनी थी. भारत को अस्त्रों और गोला-बारूद की आपूर्ति करने वालों में रूस एक महत्ववपूर्ण देश रहा है.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

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