India Nepal Train: सीमा विवाद के बीच भारत ने नेपाल को सौंपी 2 आधुनिक ट्रेन, कोरोना के बीच देखने के लिए जमा हुए हजारों लोग

Updated at : 20 Sep 2020 12:42 PM (IST)
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India Nepal Train: सीमा विवाद के बीच भारत ने नेपाल को सौंपी 2 आधुनिक ट्रेन, कोरोना के बीच देखने के लिए जमा हुए हजारों लोग

India nepal, India Nepal train, India nepal News: सीमा विवाद के बीच भारत ने नेपाल को बड़ी सौगात दी है. दोनों देशों के बीच अब जल्द रेल सेवा शुरू होने जा रही है. भारत ने नेपाल को दो आधुनिक रेलगाड़ियां सौंपी हैं, जो दिसंबर के मध्य से बिहार के जयनगर और धनुषा जिले के कुर्था के बीच चलेंगी.

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India nepal, India Nepal train, India nepal News: सीमा विवाद के बीच भारत ने नेपाल को बड़ी सौगात दी है. दोनों देशों के बीच अब जल्द रेल सेवा शुरू होने जा रही है. भारत ने नेपाल को दो आधुनिक रेलगाड़ियां सौंपी हैं, जो दिसंबर के मध्य से बिहार के जयनगर और धनुषा जिले के कुर्था के बीच चलेंगी.कोंकण रेलवे ने शुक्रवार को जयनगर-कुर्था ब्रॉड गेज लाइन के लिए नेपाल रेलवे को दो आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डीईएमयू) ट्रेनें सौंपीं.

इन ट्रेनों का निर्माण इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री, चेन्नई द्वारा आधुनिक सुविधाओं और नवीनतम एसी-एसी प्रणोदन तकनीक द्वारा किया गया है. लाइव मिंट की खबर के मुताबिक, शुक्रवार को भारत से नेपाल में रेलगाड़ियों के आने पर विभिन्न स्थानों पर भारतीय तकनीशियनों और नेपाल रेलवे कर्मचारियों का स्वागत किया गया. कोरोना वायरस महामारी के बावजूद नई गाड़ियों को देखने के लिए हजारों लोग जमा हो गए.

बता दें कि नेपाल में कोरोना वायरस से 390 लोग मारे गए हैं और 60,000 से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं.भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार कुर्था से जयनगर तक ट्रेन परिचालन, 35 किलोमीटर की दूरी को कवर करते हुए दोनों देशों के नागरिकों को फायदा पहुंचाएगा. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल रेलवे कंपनी के महानिदेशक गुरु भट्टराई के अनुसार नई ट्रेनों का ट्रायल रन शुक्रवार से ब्रॉड गेज पटरियों पर शुरू हुआ था, जिसका निर्माण पिछले साल पूरा हो गया था.

नियमित संचालन की जल्द उम्मीद नहीं

सीनियर डिवीजनल इंजीनियर देवेंद्र शाह के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी के कारण सीमा के जल्द खुलने की संभावना नहीं है, इसलिए ट्रेन सेवाएं तुरंत शुरू नहीं होंगी और ट्रेनों को रखरखाव और सुरक्षा के लिए जयनगर में नेपाल रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया जाएगा. नेपाल रेलवे कंपनी के इंजीनियर बिनोद ओझा ने कहा कि दिसंबर के मध्य में राम-जानकी विवाह समारोह के बीच ट्रेनों के नियमित संचालन में जाने की उम्मीद है.

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जयनगर-कुरथा रेल लाइन मूल रूप से ब्रिटिश राज के दौरान महोटारी, नेपाल से भारत में जंगलों में परिवहन के लिए बनाई गई थी. उस समय बिहार के जयनगर से महतारी के बिजुलपुरा तक की लाइन 52 किलोमीटर लंबी थी. 69 किलोमीटर की जयनगर-जनकपुर-बर्दीबास रेलवे को भारत सरकार के समर्थन से करोड़ों रुपये की लागत से बनाया जा रहा है.

Posted By: Utpal kant

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