India China Border Tension : रक्षामंत्री के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार, कहा- देश सेना के साथ लेकिन चीन से हमारी ज़मीन कब वापस लेंगे

Updated at : 15 Sep 2020 7:02 PM (IST)
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India China Border Tension : रक्षामंत्री के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार, कहा- देश सेना के साथ लेकिन चीन से हमारी ज़मीन कब वापस लेंगे

India China Border Tension, CONGRESS, rahul gandhi : पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने मंगलवार को लोकसभा में बयान दिया.

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India China Border Tension, CONGRESS, rahul gandhi : पूर्वी लद्दाख सीमा पर चीन के जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने मंगलवार को लोकसभा में बयान दिया. उन्होंने संसद को आश्वस्त किया कि हम हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि भारत पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है लेकिन अगर कोई हमारी संप्रभुता पर हमले की कोशिश करेगा तो हम जवाब देना भी जानते हैं. संसद में दिये गये रक्षा मंत्री के बयान पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (rahul gandhi) ने हमला बोलते हुए पीएम मोदी के दावे पर सवाल उठाये हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘रक्षामंत्री के बयान से साफ़ है कि मोदी जी ने देश को चीनी अतिक्रमण पर गुमराह किया. हमारा देश हमेशा से भारतीय सेना के साथ खड़ा था, है और रहेगा. लेकिन मोदी जी, आप कब चीन के ख़िलाफ़ खड़े होंगे? चीन से हमारे देश की ज़मीन कब वापस लेंगे? चीन का नाम लेने से डरो मत.’

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राजनाथ सिंह ने संसद में दिया बयान 

बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद में कहा कि हमारी सेना के हौसले बुलंद हैं और सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है. भारत ने चीन को अवगत कराया है कि भारत-चीन सीमा को जबरन बदलने का प्रयास अस्वीकार्य है. रक्षा मंत्री ने संसद में कहा कि भारत-चीन सीमा पर पारंपरिक सीमांकन को चीन स्वीकार नहीं करता है, जिसके कारण दोनों देशों के बीच तनाव है. रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि लद्दाख में हमारी 38,000 वर्ग किलोमीटर की जमीन अवैध कब्जे में है. 1988 के बाद से दोनों देशों में द्विपक्षीय वार्ता के लिए संबंध सुधरे और वार्ता शुरू हुई. 1993 और 1996 में यह समझौता हुआ कि जब तक दोनों देश सीमा संबंधी विवाद को सुलझा नहीं लेते वे एलएसी का सम्मान करेंगे और यहां कम से कम सेना तैनात करेंगे.

Posted by: Rajat Kumar

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