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अब दुश्मनों के छूटेंगे छक्के, चीन से सटी वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर भारत ने तैनात की K-9 वज्र तोपें

K9 Vajra LAC Indian Army वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर चल रही तनातनी के बीच चीन की किसी भी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सेना भी तैयार है. इसी कड़ी में भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख के फॉरवर्ड एरिया में के-9 वज्र तोपों को तैनात कर दिया है.

By Prabhat khabar Digital
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चीन से सटी वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात हुई K-9 वज्र तोपें
चीन से सटी वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात हुई K-9 वज्र तोपें
सोशल मीडिया

K9 Vajra LAC Indian Army वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर चल रही तनातनी के बीच चीन की किसी भी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सेना भी तैयार है. इसी कड़ी में भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख के फॉरवर्ड एरिया में के-9 वज्र तोपों को तैनात कर दिया है. इन तोपों की खासियत यह है कि ये 50 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद दुश्‍मन के ठिकानों पर सटीक हमला कर सकती हैं.

बता दें कि चीन एक बार फिर अपनी ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है. चीन की चालबाजियों के मद्देनजर भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख के फॉरवर्ड एरिया में के-9 वज्र तोपों को तैनात किया गया है. दरअसल, बोफोर्स तोप के बाद भारतीय सेना में साल 1986 से कोई भारी आर्टिलरी शामिल नहीं की गई थी. इस लिहाज से सौ के-9 वज्र-टी तोपों को सेना में शामिल किया जाना बेहद अहम माना जा रहा है. इसी साल फरवरी के महीने में एलएंडटी ने थलसेना प्रमुख, जनरल एमएम नरवणें को 100वीं तोप सौंपी थी.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, के-9 वज्र हॉवित्जर तोपों को लद्दाख के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में 12,000 से लेकर 16,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात किया गया है. यह तैनाती इन तोपों की ऊंचे पहाड़ी इलाकों में चीन के खिलाफ मारक क्षमता परखने के लिए की गई है. बताया जा रहा है कि के-9 वज्र तोप की मारक क्षमता 38 किलोमीटर है. यह जीरो रेडियस पर चारों तरफ घूमकर वार कर सकती है. 155 एमएम/52 कैलिबर की 50 टन वजनी तोप से 47 किलो का गोला फेंका जा सकता है.

यह तोप 15 सेकंड के अंदर 3 गोले दागने में सक्षम है. इसमें 155 मिमी की तोप लगी है, जिसकी रेंज 18 से 52 किमी है. इसमें टैंकों की तरह ट्रैक लगे हुए हैं, जिससे ये किसी भी तरह के मैदान में चल सकती है. इसका ताकतवर इंजन इसे 67 किमी प्रति घंटे की रफ्तार देता है. इसमें 5 सैनिकों का क्रू होता है, जो किसी टैंक की तरह मजबूत बख्तर से पूरी तरह सुरक्षित होता है.

वहीं, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे शुक्रवार को दो दिन के पूर्वी लद्दाख दौरे पर पहुंचे और यहां उन्होंने मौजूदा सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान आर्मी चीफ ने कहा कि चीन सीमा पर स्थिति नियंत्रण में है. हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन की सेना ने अपनी सीमा में काफी निर्माण कार्य किया है. लेकिन, भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. उल्लेखनीय है कि पिछले एक साल से अधिक समय से लद्दाख में भारत और चीन के बीच विवाद चल रहा है और दोनों सेनाएं युद्ध के मोर्चे पर तैनात हैं. भारतीय सेना के तेवर से साफ है कि वह किसी भी मोर्चे पर चीन के खिलाफ अपनी तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती.

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