ePaper

LAC पर तनाव : भारत-चीन के बीच 13वें दौर की सैन्‍य वार्ता में कई मुद्दे पर हुई चर्चा, साढ़े आठ घंटे चली बातचीत

Updated at : 11 Oct 2021 6:34 AM (IST)
विज्ञापन
LAC पर तनाव : भारत-चीन के बीच 13वें दौर की सैन्‍य वार्ता में कई मुद्दे पर हुई चर्चा, साढ़े आठ घंटे चली बातचीत

13th Round of India China Talks भारत और चीन के बीच दो महीने के अंतराल के बाद रविवार को 13वें दौर की उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता संपन्न हुई. मोल्दो में भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 13वें दौर की वार्ता लगभग साढे आठ घंटे तक चली और आज शाम लगभग सात बजे खत्म हुई.

विज्ञापन

13th Round of India China Talks भारत और चीन के बीच दो महीने के अंतराल के बाद रविवार को 13वें दौर की उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता संपन्न हुई. मोल्दो में भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की 13वें दौर की वार्ता लगभग साढे आठ घंटे तक चली और आज शाम लगभग सात बजे खत्म हुई.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में सेना के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत और चीन के बीच आज संपन्न हुई सैन्य वार्ता का उद्देश्य पूर्वी लद्दाख सेक्टर में सैन्य गतिरोध पर चर्चा और उसका समाधान करना था. सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वार्ता का उद्देश्य पूर्वी लद्दाख में बाकी के टकराव स्थलों से सैनिकों की वापसी की दिशा में आगे बढ़ना है. दोनों देशों के कोर कमांडर स्तर की 13वें दौर की वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की तरफ मोल्डो सीमा बिंदु पर हुई. वार्ता सुबह करीब साढ़े दस बजे शुरू हुई.

इससे पूर्व करीब तीन हफ्ते पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी को कहा था कि पूर्वी लद्दाख में बाकी के मुद्दों के जल्द समाधान के लिए दोनों पक्षों को काम करना होगा. यह वार्ता इसी पृष्ठभूमि में हुई. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने 16 सितंबर को दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी.

इससे पहले भारत और चीन के बीच 31 जुलाई को 12वें दौर की वार्ता हुई थी. कुछ दिन बाद दोनों देशों की सेनाओं ने गोगरा से अपने सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी और इसे क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की बहाली की दिशा में एक बड़ा एवं उल्लेखनीय कदम माना गया था. रविवार को हुई वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने किया, जो लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर हैं.

वहीं, सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने शनिवार को कहा था कि पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन की ओर से सैन्य जमावड़ा और व्यापक पैमाने पर तैनाती अगर जारी रहती है तो भारतीय सेना भी अपनी तरफ अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी जो पीएलए के समान ही है. बताया जा रहा है कि चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की कोशिश की दो हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि में 13वें दौर की वार्ता हुई. पहला मामला उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर में और दूसरा अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में सामने आया था.

Also Read: जम्मू कश्मीर: हिंसा की घटनाओं पर बोले कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज, मुस्लिम समुदाय को भी सुना जाना चाहिए
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola