आपराधिक घटनाओं के बाद भी कनाडा सरकार ने नहीं की निज्जर पर कार्रवाई! विवाद के बीच सामने आ रहा बड़ा दावा...
Published by : Pritish Sahay Updated At : 23 Sep 2023 7:27 AM
India Canada Row: खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके उत्तरी अमेरिकी देश पहुंचा और कनाडा ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. भारत और कनाडा के बीच बिगड़ते रिश्ते के बीत सूत्रों ने बड़ा दावा किया है.
India Canada Row: भारत और कनाडा के बीच तेजी से तल्ख होते रिश्ते और उलझते जा रहे हैं. दरअसल, भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कूटनीतिक विवाद शुरू हो गया है. जून में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ है. इधर सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके उत्तरी अमेरिकी देश पहुंचा और कनाडा ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जबकि उसे यह बताया गया था कि वह हत्या और अन्य आतंकवादी मामलों समेत 12 से अधिक आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, अलगाववादी नेता निज्जर की 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के एक गुरुद्वारे की पार्किंग में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी. वह 1997 में रवि शर्मा के नाम से फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके कनाडा गया था. सूत्रों ने बताया कि उसने यह दावा करते हुए कनाडा में शरण के लिए आवेदन किया था कि उसे भारत में उत्पीड़न का डर है क्योंकि वह ‘एक विशेष सामाजिक समूह’ से हैं. निज्जर के इस आवेदन को हालांकि अस्वीकार कर दिया गया था. सूत्रों ने बताया कि उसका दावा खारिज होने के ग्यारह दिन बाद, उसने एक महिला के साथ ‘‘विवाह’’किया, जिसने उसके अप्रवासन में मदद की थी. इस आवेदन को कनाडा में आव्रजन अधिकारियों ने भी खारिज कर दिया था. निज्जर ने इसके खिलाफ कनाडा की अदालतों में अपील की, हालांकि वह खुद को कनाडा का नागरिक होने का दावा करता रहा.
बाद में उसे कनाडाई नागरिकता प्रदान की गई, जिसकी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं. नवंबर 2014 में उसके खिलाफ ‘इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस’ (आरसीएन) जारी किया गया था. सूत्रों ने बताया कि निज्जर के खिलाफ भारत में हत्या और अन्य आतंकवादी गतिविधियों के 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. सूत्रों ने बताया कि मामलों का विवरण कनाडाई अधिकारियों के साथ साझा किया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा, आरसीएन के बावजूद कनाडाई अधिकारियों ने उसे उड़ान निषिद्ध सूची में डालने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की. जून में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ.
भारत ने आरोपों को बताया बेतुका
इधर, भारत ने इन आरोपों को बेतुका और प्रेरित बताते हुए इसे खारिज कर दिया था और इस मामले को लेकर कनाडा की ओर से एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में कनाडा के एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया था. भारत ने बुधवार को और कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से समर्थित घृणा अपराधों और आपराधिक हिंसा को देखते हुए वहां रह रहे अपने नागरिकों और वहां की यात्रा का विचार कर रहे अपने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने का परामर्श जारी किया था. भारत ने कनाडा स्थित अपने उच्चायोग और वाणिज्य दूतावासों के समक्ष उत्पन्न सुरक्षा खतरों के मद्देनजर कनाडाई नागरिकों को वीजा जारी करने पर अस्थायी रूप से रोक लगाने की बृहस्पतिवार को घोषणा की थी.
कनाडा के साथ विवाद के समाधान के लिए गहन राजनयिक संपर्क स्थापित किया जाए: कांग्रेस
वहीं, भारत और कनाडा के बीच तल्ख होते रिश्ते के बीच कांग्रेस ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं होना चाहिए और सरकार को वहां रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस गंभीर संकट को हल करने के लिए गहन राजनयिक संपर्क स्थापित किया जाना चाहिए. रमेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कनाडा में पढ़ने और काम करने वाले हजारों भारतीय छात्रों और पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, कांग्रेस इस बात को दोहराती है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में कोई समझौता नहीं होना चाहिए, खासकर तब जब आतंकवाद से भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा हो.
भाषा इनपुट से साभार
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










