India Canada Conflict : अंतरराष्ट्रीय नियमों की बात कर रहे थे जस्टिन ट्रूडो, भारत ने दिया करारा जवाब

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 21 Oct 2023 9:30 AM

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India Canada Conflict : भारत ने कनाडा के 41 राजनयिकों की देश से वापसी को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के रूप में पेश करने की कनाडा की कोशिशों को खारिज कर दिया. जानें कनाडा को भारत ने कैसे दिया करारा जवाब

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India Canada Conflict : भारत और कनाडा के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. राजनयिक तनातनी के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि भारत सरकार ने इस सप्ताह जो कार्रवाई की, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. कनाडा के आरोप का भारत की ओर से करारा जवाब दिया गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मामले में अंतरराष्ट्रीय नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ. नई दिल्ली और ओटावा में राजनयिक उपस्थिति में समानता लाने के लिए पिछले महीने से कनाडा से बातचीत जारी है. इस समानता को लागू करने की प्रक्रिया पूरी तरह से वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 11.1 के अनुरूप ही है.

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने क्या कहा

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि भारत सरकार की ओर से जो कार्रवाई की गई है, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. भारत सरकार ने भारत में 40 कनाडाई राजनयिकों की राजनयिक प्रतिरक्षा को एकतरफा रद्द करने का फैसला किया. यह वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है…इसके बारे में दुनिया के सभी देशों को चिंतित होना चाहिए. कनाडा की धरती पर एक कनाडाई नागरिक की कथित हत्या करके अंतरराष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघन के हमारे आरोपों को भारत सरकार खारिज कर रही है…भारत सरकार ने भारत में काम कर रहे 40 राजनयिकों की राजनयिक प्रतिरक्षा रद्द करने का फैसला किया…भारत सरकार भारत और कनाडा में रहने वाले लाखों लोगों के सामान्य जीवन को कठिन बना रही है, भारत सरकार कूटनीति के बुनियादी सिद्धांत का उल्लंघन करके ऐसा कर रही है.

भारत के आदेश के बाद कनाडा ने 41 राजनयिकों को वापस बुलाया

भारत ने कनाडा के 41 राजनयिकों की देश से वापसी को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के रूप में पेश करने की कनाडा की कोशिशों को शुक्रवार को खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोतरफा राजनयिक समानता सुनिश्चित करना पूरी तरह से राजनयिक संबंधों को लेकर हुई वियना संधि के प्रावधानों के अनुरूप है. हम समानता के कार्यान्वयन को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के रूप में पेश करने के किसी भी प्रयास को खारिज करते हैं. भारत की यह टिप्पणी कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली द्वारा भारत से राजनयिकों की वापसी की घोषणा के बाद आयी है. जोली ने कहा कि भारत ने दिल्ली में सेवारत 21 कनाडाई राजनयिकों को छोड़ अन्य की राजनयिक छूट हटाने की औपचारिक रूप से जानकारी दी है.

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दरअसल, भारत ने पिछले महीने कनाडा से देश में अपने राजनयिक कर्मियों की संख्या कम करने को कहा था. कहा था कि राजनयिकों की संख्या व रैंक में आपस में समानता होनी चाहिए. कनाडा में सेवारत भारतीय राजनयिकों की संख्या की तुलना में भारत में कनाडाई राजनयिकों की संख्या अधिक है. गौरतलब है कि एक सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के विवादित बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनयिक तनाव पैदा गया था. भारत ने ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और निहित स्वार्थ से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया था. भारत ने निज्जर को 2020 में आतंकवादियों की सूची में शामिल किया था.

भाषा इनपुट के साथ

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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