आयकर विभाग में एआई का बढ़ता उपयोग, डेटा विश्लेषण से टैक्स अनुपालन पर सख्त निगरानी

Published by :Pritish Sahay
Published at :30 Apr 2026 7:01 PM (IST)
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AI in IT

आयकर विभाग में एआई का बढ़ता उपयोग, फोटो- एआई

AI in IT: आयकर विभाग कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एआई और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ा रहा है. AIS, TIS, 26AS, GSTR और बैंकिंग डेटा के मिलान से कर अनुपालन की निगरानी की जा रही है. आयकर रिटर्न में गड़बड़ी पर एआई आधारित अलर्ट और नोटिस जारी हो सकते हैं.

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अनिल मुकीम (सीए)

AI in IT: आयकर विभाग ने कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग को तेज कर दिया है. आयकर विभाग अब करदाताओं के वित्तीय लेनदेन की निगरानी के लिए उन्नत डिजिटल प्रणालियों का उपयोग कर रहा है. विभाग द्वारा लागू एनालिटिक्स-आधारित सिस्टम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का मिलान करता है, जिनमें शामिल हैं:

वार्षिक सूचना विवरण (AIS), वित्तीय लेन-देन विवरण (TIS), स्त्रोत से कटने वाले कर (Form 26 AS) जीएसटी रिटर्न (GSTR) बैंकिंग लेनदेन, शेयर बाजार डाटा, म्यूचुअल फंड डाटा, अन्य वित्तीय लेन-देन डेटा, के सूचनाओं के आधार पर यदि आयकर रिटर्न (ITR) और वास्तविक वित्तीय गतिविधियों में कोई अंतर पाया जाता है, तो विभाग द्वारा नोटिस एआई के उपयोग से जारी किया जा सकता है.

कर वसूली और निगरानी

विशेषज्ञों के अनुसार, आयकर विभाग द्वारा बकाया कर मांग (Outstanding Demand) की वसूली पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रसारित वसूली संबंधी दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है. करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण यह है कि कर विशेषज्ञों की सहायता से AIS, बैंक और जीएसटी डेटा का सही मिलान करना अति आवश्यक हो गया है. रिटर्न दाखिल करते समय सभी आय स्रोतों का पूर्ण प्रकटीकरण जरूरी है.

किसी भी प्रकार की विसंगति पर विभाग की डिजिटल प्रणाली स्वतः अलर्ट कर सकती है. मानव हस्तक्षेप अभी भी आवश्यक है. हालांकि AI और मशीन लर्निंग का उपयोग बढ़ा है, लेकिन अंतिम निर्णय प्रक्रिया में अभी भी आयकर अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है. हाल में प्रसारित कुछ संदेशों में एआई के माध्यम से बड़ी कर वसूली के दावे किए गए हैं. लेकिन ये दावे अधिकतर प्रचारात्मक या अप्रमाणित प्रतीत होते हैं. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर आधारित जानकारी पर ही भरोसा करें.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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