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शंकराचार्य और रामानंद संप्रदाय के रामनरेशाचार्य को राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में शामिल करने की दिग्विजय ने की मांग

Updated at : 20 Jul 2020 4:25 PM (IST)
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शंकराचार्य और रामानंद संप्रदाय के रामनरेशाचार्य को राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में शामिल करने की दिग्विजय ने की मांग

नयी दिल्ली : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. दिग्विजय ने कहा कि अगर 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर का शिलान्यास करते हैं तो चारों पीठ के शंकराचार्य और रामानंद संप्रदाय के स्वामी रामनरेशाचार्य को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए. इन्हें मंदिर के ट्रस्ट में भी शामिल किया जाना चाहिए.

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नयी दिल्ली : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है. दिग्विजय ने कहा कि अगर 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर का शिलान्यास करते हैं तो चारों पीठ के शंकराचार्य और रामानंद संप्रदाय के स्वामी रामनरेशाचार्य को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए. इन्हें मंदिर के ट्रस्ट में भी शामिल किया जाना चाहिए.

दिग्विजय ने मोदी सरकार पर मंदिर निर्माण के लिए बनाये गये न्यास में अपने पसंदीदा लोगों को शामिल करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण का कोई विरोध नहीं है. हमारे धर्मगुरुओं को ट्रस्ट में शामिल नहीं किया गया है. शंकराचार्य को भी जगह नहीं दी गयी है. चुन-चुनकर बीजेपी और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के लोगों को ट्रस्ट में रखा गया है. पीएम मोदी ने पांच फरवरी को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी.

आपको बता दें कि 18 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या में तीन या पांच अगस्त (दोनों शुभ तिथियां) को भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए आमंत्रित किया है. राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के प्रवक्ता महंत कमल नयन दास ने कहा, ‘हमने ग्रह नक्षत्रों की गणना के आधार पर प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए दो शुभ तिथियों – तीन और पांच अगस्त का सुझाव दिया है.’

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एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट के पिछले वर्ष नौ नवंबर को फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था. ट्रस्ट के सदस्यों की अयोध्या में शनिवार को हुई एक बैठक में मंदिर की आधारशिला रखने की संभावित तिथि के बारे में फैसला लिया गया. वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन, वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी विश्व प्रसनजीत ने वीडियो लिंक के माध्यम से बैठक में भाग लिया.

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि मानसून के तुरंत बाद राम मंदिर ट्रस्ट वित्तीय मदद के लिए देशभर में 10 करोड़ परिवारों से संपर्क करेगा और इसके निर्माण को पूरा करने के लिए मंदिर के डिजाइन को अंतिम रूप देने में तीन से साढ़े तीन साल लगेंगे. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि बैठक में राम मंदिर की ऊंचाई के मुद्दे पर चर्चा की गयी. मंदिर की ऊंचाई 161 फुट होगी और इसमें पांच गुंबद होंगे.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

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