Manipur Violence: कैसे मणिपुर में लौटेगी शांति ? आरएसएस ने बताया ये उपाय
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Jun 2023 8:09 PM
**EDS: IMAGE VIA @Spearcorps** Imphal: Security personnel during a combing operation in sensitive areas of Manipur, Wednesday, June 7, 2023. (PTI Photo) (PTI06_08_2023_000027A) *** Local Caption ***
आरएसएस ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सेना और केंद्रीय एजेंसियों सहित सरकार से मणिपुर में हिंसा को तुरंत रोकने में मदद करने की अपील की है. जानें संघ ने और क्या कहा
Manipur Violence : मणिपुर हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस का बयान सामने आया है. संघ ने शांति की अपील करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अशांति और हिंसा का सिलसिला अब तक थमा नहीं है. वह संकट की इस घड़ी में विस्थापित लोगों और मणिपुर हिंसा के अन्य पीड़ितों के साथ खड़ा है, जिनकी संख्या 50,000 से अधिक है.
आरएसएस ने मणिपुर संकट पर कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, घृणा के लिए कोई जगह नहीं है. आपसी संवाद, भाईचारे की भावना से ही समाधान संभव है. आरएसएस ने कहा कि मेइती समुदाय में असुरक्षा की भावना, विवशता और कुकी लोगों की असल चिंताओं को दूर करके इसका समाधान निकाला जा सकता है.
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एक बयान में आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बलों तथा केंद्रीय एजेंसियों सहित सरकार से तत्काल से पूर्वोत्तर राज्य में ‘‘शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई’’ के साथ-साथ हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों को राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में घृणा और हिंसा की कोई जगह नहीं हो सकती है. दोनों पक्षों को विश्वास की कमी को दूर करने की आवश्यकता है, जो वर्तमान संकट का कारण है और शांति बहाल करने के लिए बातचीत की पहल की जानी चाहिए.
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दत्तात्रेय होसबाले ने आगे कहा कि आरएसएस नागरिक संस्थाओं, राजनीतिक समूहों और मणिपुर की आम जनता से अपील करता है कि वे वर्तमान अराजक और हिंसक स्थिति को समाप्त करने की ओर अग्रसर हों. वे मानव जीवन की सुरक्षा और स्थायी शांति सुनिश्चित करने में मदद करें. मणिपुर में पिछले 45 दिनों से लगातार हो रही हिंसा से पूरा देश चिंतित है. तीन मई को चुराचांदपुर में लाई हराओबा उत्सव के समय आयोजित विरोध रैली के बाद मणिपुर में जो हिंसा और अनिश्चितता शुरू हुई, वह निंदा करने के योग्य है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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