‘INDIA’ की राह में कितने रोड़े! जानें विपक्षी गठबंधन की अगली बैठक क्यों है खास

Updated:
विज्ञापन
‘INDIA’ की राह में कितने रोड़े! जानें विपक्षी गठबंधन की अगली बैठक क्यों है खास

विपक्ष के 26 दलों ने 2024 के चुनाव में ‘I.N.D.I.A.’ के बैनर तले चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की है. इस गठबंधन की राह में पंजाब से पश्चिम बंगाल तक रोड़े नजर आ रहे हैं. मुंबई में होने वाली बैठक से पहले जान लें खास बातें

विज्ञापन

Lok sabha election 2024 : विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस, INDIA) के बारे में लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. इस बीच खबर आ रही है कि गठबंधन की अगली बैठक 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस होगी जो मुंबई प्रस्तावित है. मुंबई की बैठक में 11 सदस्यीय समन्वय समिति को अंतिम रूप दिये जाने की संभावना है. आपको बता दें कि इससे पहले विपक्षी दलों की बैठक बिहार की राजधानी पटना और बेंगलुरु में हुई थी.

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेता चार-पांच अन्य समितियां गठित करने का भी प्लान तैयार कर रहे हैं. यह प्रस्तावित बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसमें ‘इंडिया’ में शामिल 26 दलों के बीच सीट-बंटवारे, चुनाव की तैयारियों और प्रचार प्रबंधन को लेकर चर्चा होने की संभावना जतायी जा रही है. दिल्ली में गठबंधन के लिए मुख्य सचिवालय तय करने पर भी काम जारी है.

सीट-बंटवारे को लेकर गठबंधन में हो सकता है टकराव

सूत्रों की मानें तो अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मुख्य अभियान शुरू होने से पहले देश के विभिन्न हिस्सों में कई बैठकें आयोजित करने की योजना तैयार की जा रही है ताकि गंठबंधन मजबूती से चुनावी मैदान में टिक सके. हालांकि गठबंधन के सामने समस्याएं भी कम नहीं हैं. केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल में सीट-बंटवारे को लेकर गठबंधन में टकराव होने की आशंका व्यक्त की जा रही है. केरल में कांग्रेस और वामदलों, पश्चिम बंगाल में वामदलों तथा तृणमूल कांग्रेस और पंजाब एवं दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) तथा कांग्रेस के बीच टकराव कम करने के लिए गठबंधन सहयोगियों को ज्यादा माथापच्ची करनी होगी.

विपक्षी गठबंधन में शामिल पार्टियां

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), आम आदमी पार्टी (आप), जनता दल(यूनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ-साथ नेशनल कांफ्रेंस (नेकां), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), एमडीएमके, केएमडीके, वीसीके, आरएसपी, सीपीआई-एमएल (लिबरेशन), फॉरवर्ड ब्लॉक, आईयूएमएल, केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (मणि), अपना दल (कमेरावादी) और मनिथानेया मक्कल काची (एमएमके) शामिल हैं.

विपक्षी गठबंधन को कहां करनी होगी माथापच्ची

-सवाल है कि क्या आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस के लिए सीटें छोड़ेगी?

-क्या कांग्रेस मध्य प्रदेश और राजस्थान में आम आदमी पार्टी को सीटें देगी?

-हरियाणा की बात करें तो यहां कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोक दल यानी आईएनएलडी, दोनों कभी साथ नजर नहीं आये. चौटाला परिवार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच कैसे रिश्ते हैं ये सभी को पता है.

Also Read: Lok Sabha election : सपा गठबंधन से सावधान UP कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने को उत्सुक, फैसला आलाकमान पर छोड़ा

-पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान टीएमसी और कांग्रेस के बीच शब्दों के तीर चले थे. जहां ममता बनर्जी ने कांग्रेस को बीजेपी की बी टीम बता दिया था तो अधीर ने टीएमसी को चोरों की पार्टी तक कहा था. बंगाल में लेफ्ट पार्टी भी है जो इस गठबंधन का हिस्सा है.

विपक्ष का चेहरा कौन

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) तो हो गया लेकिन इसका चेहरा कौन होगा ? इसको लेकर भी अगले बैठक में माथापच्ची करनी होगी. यदि आपको याद हो तो पटना की बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद प्रमुख लालू यादव ने राहुल गांधी से कहा था कि आप दूल्हा बनिए, हम सब लोग बाराती बनने को तैयार हैं. इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं.

Also Read: ‘I-N-D-I-A’ गठबंधन को लेकर पंजाब कांग्रेस में बवाल, भड़के बाजवा, कहा- AAP का चेहरा देखने को भी तैयार नहीं

लड़ाई एनडीए और ‘INDIA’ के बीच

बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि इस बैठक में बहुत कुछ अच्छा निकलकर आया है. हमारी लड़ाई बीजेपी की विचारधारा और उनके सोच के खिलाफ है. देश में बेरोजगारी है, देश का पूरा धन चुने हुए लोगों के हाथ में जा रहा है, हम इसका विरोध कर रहे है. बैठक के दौरान भी यह चर्चा हुई कि लड़ाई किसके बीच है. लड़ाई सत्ता और विपक्ष के बीच नहीं है. देश की आवाज के लिए है, इसलिए यह नाम चुना गया है. आगे कांग्रेस नेता ने कहा कि यह लड़ाई एनडीए और ‘INDIA’ के बीच में है. ऐसे में हम सब मिलकर काम करेंगे और इस लड़ाई को लड़ेंगे.

विज्ञापन
अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola