26/11 Mumbai Attack: हाफिज सईद के करीबी हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी की मौत, 7 महीने बाद UN ने की पुष्टि
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 11 Jan 2024 10:00 PM
हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी ने 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी थी. टेरर फाइनेंसिंग मामले में भुट्टावी पाकिस्तान के जेल में बंद था. जेल में रहते हुए भुट्टावी की मौत हुई थी. 7 महीने के बाद उसके मौत की पुष्टि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की है.
लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का संस्थापक सदस्य और हाफिज सईद का दाहिना हाथ हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी की मौत की पुष्टि हो गई है. भुट्टावी की मौत पिछले साल 29 मई को पंजाब प्रांत के मुरीदके में हुई थी. 7 महीने बाद उसके मौत की पुष्टि की गई है.
Hafiz Abdul Salam Bhuttavi, founding member of Lashkar-e-Tayyiba (LeT) and deputy to Hafiz Saeed is 'Confirmed Deceased' pic.twitter.com/wFLKZAnOhw
— ANI (@ANI) January 11, 2024
भुट्टावी ने मुंबई हमले के गुनाहगारों को दिया था ट्रेनिंग
हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी ने 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी थी. टेरर फाइनेंसिंग मामले में भुट्टावी पाकिस्तान के जेल में बंद था. जेल में रहते हुए भुट्टावी की मौत हुई थी. 7 महीने के बाद उसके मौत की पुष्टि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की है.
हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाद भुट्टावी बना था लश्कर-ए-तैयबा का कार्यकारी प्रमुख
हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाद हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी ने लश्कर-ए-तैयबा को संभाला था. भुट्टावी कार्यवाहक प्रमुख के तौर पर काम किया था.
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मुंबई हमले के आतंकवादियों को दिया था ट्रेनिंग
हाफिज अब्दुल सलाम भुट्टावी ने 2008 मुंबई हमले के आतंकवादियों को ट्रेनिंग दिया था. उस हमले को 10 आतंकवादियों ने अंजाम दिया था. हमले में देश-विदेश के करीब 166 लोगों की मौत हो गई थी.
केंद्र ने तहरीक-ए-हुर्रियत और मुस्लिम लीग-जेके की संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश दिये
केंद्र ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन को पाकिस्तान परस्त अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत और मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर (मसरत आलम गुट) की सभी संपत्तियों को जब्त करने और उनके बैंक खाते और वित्तीय लेनदेन को फ्रीज करने का निर्देश दिया. सरकार ने हाल में दोनों संगठनों को प्रतिबंधित किया था. तहरीक-ए-हुर्रियत की स्थापना अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने की थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक तरह की दो अधिसूचनाएं जारी कर कहा कि मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर (मसरत आलम गुट) को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम-1967 के तहत 27 दिसंबर 2023 को गैर कानूनी संगठन घोषित किया गया था और तहरीक-ए-हुर्रियत, जम्मू-कश्मीर (टीईएच) को इसी कानून के तहत 31 दिसंबर 2023 को प्रतिबंधित किया गया था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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