चीन के साइबर ठगों की मदद कर रही थी नागालैंड की महिला, गुरुग्राम से हुई गिरफ्तार

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिला. फोटो- एक्स.
Gurugram Cyber Fraud: गुरुग्राम से एक महिला को हिरासत में लिया गया. आरोपी महिला और उसका पति चीनी मूल के साइबर जालसाजों के लिए कॉलिंग सहायता उपलब्ध करवा रहे थे. दंपती मूल रूप से नागालैंड के रहने वाले हैं. पुलिस की छापेमारी में महिला गुरुग्राम के सेक्टर 28 से पकड़ी गई, जबकि उसका पति फरार है.
Gurugram Cyber Fraud: गुरुग्राम में चीन मूल के साइबर जालसाजों को तकनीकी मदद देने के आरोप में एक नगा महिला की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है. यह कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के साथ मिलकर संयुक्त अभियान में की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला अपने पति के साथ मिलकर चीन में बैठे साइबर अपराधियों को फोन और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही थी.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महिला और उसका पति मिलकर गुरुग्राम के सेक्टर 28 में किराए के एक अपार्टमेंट में ‘वर्चुअल सिम बॉक्स’ के जरिए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे. इस तकनीक के माध्यम से चीन से आने वाली कॉल्स को भारतीय नंबरों के रूप में दिखाया जाता था, ताकि लोगों को ठगा जा सके. इन कॉल्स का इस्तेमाल गेमिंग धोखाधड़ी, निवेश से जुड़ी ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे मामलों में किया जा रहा था, जिनमें आम नागरिकों को निशाना बनाया जाता था.
पुलिस के अनुसार, 10 फरवरी को पूर्वी साइबर थाने को इस अवैध गतिविधि की गोपनीय सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर तुरंत आई4सी के साथ समन्वय कर छापेमारी की योजना बनाई गई. अभियान के दौरान मौके से एक महिला को हिरासत में लिया गया, जबकि उसका पति फरार बताया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि महिला के कब्जे से सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें तीन स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन और तीन क्षतिग्रस्त फोन बरामद किए गए हैं. इसके अलावा एक वाई-फाई मॉडेम, तीन सिम कार्ड और एक टूटा हुआ लैपटॉप भी जब्त किया गया है.
क्या कर रहे थे आरोपी दंपती?
गुरुग्राम के एसीपी (साइबर) प्रियांशु दीवान ने बताया कि गिरफ्तार महिला की पहचान नगालैंड के दीमापुर निवासी कुंग पानमे (30) के रूप में हुई है. पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर चीन स्थित साइबर ठगों के लिए वर्चुअल सिम बॉक्स सेटअप चला रही थी और वाई-फाई के जरिए नेटवर्क उपलब्ध करा रही थी. उसका काम मोबाइल फोन को लगातार चार्ज और नेटवर्क से जोड़े रखना था. इसके बदले उसके पति को कमीशन मिलता था.
एसीपी दीवान के नेतृत्व में साइबर पुलिस टीम ने सेक्टर-28 स्थित पते पर छापा मारा. इमारत की चौथी मंजिल पर तीन मोबाइल फोन सक्रिय अवस्था में मिले, जो अपने-आप अलग-अलग भारतीय नंबरों पर कॉल कर रहे थे. हर कॉल कटते ही फोन किसी दूसरे नंबर पर डायल हो जाता था और स्क्रीन पर ‘VDMS Apk App’ दिखाई दे रहा था.
सिम बॉक्स से इंटरनेशनल कॉल को लोकल बना रहे थे
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था के जरिए अंतरराष्ट्रीय VoIP कॉल्स को स्थानीय कॉल में बदला जा रहा था, जिससे विदेशी साइबर अपराधी भारतीय नागरिकों से संपर्क कर धोखाधड़ी कर सकें. पुलिस के अनुसार, यह सिम बॉक्स एक अत्याधुनिक सेटअप था और इस तरह के अवैध VoIP कॉल रूटिंग सिस्टम राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं.
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और जब्त उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि पूरे साइबर ठगी रैकेट का खुलासा किया जा सके. अधिकतर कॉल सेंटर्स में सिम बॉक्स का उपयोग एन्क्रिप्टेड या रिकॉर्डेड कॉल्स को कई लक्ष्यों तक भेजने के लिए किया जाता है. इसके लिए सरकारी अनुमति आवश्यक होती है. एक अधिकारी के अनुसार, ठग अच्छे रिटर्न का लालच देकर लोगों से मदद लेते हैं और उनसे फर्जी तरीके से सक्रिय सिम कार्ड्स बदलवाते रहते हैं.
पहले भी पकड़े गए थे जालसाज
पिछले महीने दिल्ली के सबसे बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले की जांच में भी सिम बॉक्स के इस्तेमाल का खुलासा हुआ था, जिसमें दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क में रहने वाले एक सेवानिवृत्त बैंकर से 22.92 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी. जांच में संदेह जताया गया कि पूरा ऑपरेशन कंबोडिया से अवैध रूप से लगाए गए सिम बॉक्स के जरिए संचालित हो रहा था.
इससे पहले जनवरी में इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) ने चीन, नेपाल, कंबोडिया, ताइवान और पाकिस्तान से जुड़े एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया था. पुलिस ने बताया था कि ताइवानी नागरिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और दिल्ली, मुंबई व मोहाली से सिम बॉक्स बरामद किए गए.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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