दुष्कर्म आखिर दुष्कर्म है, चाहे यह पति ने ही क्यों न किया हो, गुजरात हाईकोर्ट ने कहा

Published by :Agency
Published at :19 Dec 2023 9:59 AM (IST)
विज्ञापन
दुष्कर्म आखिर दुष्कर्म है, चाहे यह पति ने ही क्यों न किया हो, गुजरात हाईकोर्ट ने कहा

दुष्कर्म आखिर दुष्कर्म है, चाहे यह पति ने ही क्यों न किया हो...कोर्ट ने बहू के साथ क्रूरता और आपराधिक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार एक महिला की नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं.

विज्ञापन

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि दुष्कर्म आखिर दुष्कर्म होता है, भले ही यह किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ ही क्यों न किया गया हो. इसने कहा कि भारत में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा पर कायम चुप्पी को तोड़ने की जरूरत है. हाल में में दिए गए एक आदेश में, न्यायमूर्ति दिव्येश जोशी ने कहा कि भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की वास्तविक घटनाएं सामने आने वाले आंकड़ों से संभवत: कहीं अधिक हैं. आदेश में कहा गया कि पीछा करने, छेड़छाड़, मौखिक और शारीरिक हमले जैसी कुछ चीजों को समाज में आम तौर पर ‘मामूली’ अपराध के रूप में चित्रित किया जाता है और साथ ही सिनेमा जैसे लोकप्रिय माध्यमों में इसे प्रचारित भी किया जाता है. इसमें कहा गया कि जहां यौन अपराधों को ‘लड़के तो लड़के ही रहेंगे’ के चश्मे से देखा जाता है और अपराध को नज़रअंदाज़ किया जाता है, उसका ‘पीड़ित लोगों पर एक स्थायी और हानिकारक प्रभाव पड़ता है’.

गुजरात हाई कोर्ट ने बहू के साथ क्रूरता और आपराधिक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार एक महिला की नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं. आरोप है कि महिला के पति और बेटे ने बहू के साथ बलात्कार किया तथा पैसे कमाने के लालच में अश्लील साइट पर पोस्ट करने के लिए निर्वस्त्र अवस्था में उसके वीडियो बनाए. इसने कहा, ज्यादातर (महिला पर हमला या बलात्कार) मामलों में, सामान्य प्रथा यह है कि यदि पुरुष पति है, लेकिन वह पर पुरुष के समान आचरण करता है, तो उसे छूट दी जाती है. मेरे विचार में, इस चीज को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. एक पुरुष आखिर एक पुरुष है; एक कृत्य आखिर एक कृत्य है; बलात्कार आखिर बलात्कार है, चाहे यह महिला, यानि के ‘पत्नी’ के साथ किसी पुरुष, यानि के ‘पति’ द्वारा किया गया हो.

Also Read: UP News: BJP विधायक को दुष्कर्म के मामले सजा दिलाने वाले पिता को झेलनी पड़ी यातनाएं, बिक गई 4 बीघा जमीन

आदेश में कहा गया कि संविधान महिलाओं को पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा देता और विवाह को समान लोगों का एक गठबंधन मानता है. कोर्ट ने कहा, भारत में, अपराधी अकसर महिला को जानते हैं; ऐसे अपराधों को उजागर करने से सामाजिक और आर्थिक दिक्कतों का भय रहता है. परिवार पर सामान्य आर्थिक निर्भरता और सामाजिक बहिष्कार का डर महिलाओं को किसी भी प्रकार की यौन हिंसा, दुर्व्यवहार या घृणित व्यवहार की जानकारी देने से रोकता है. आदेश में कहा गया कि इसलिए, भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की वास्तविक घटनाएं सामने आने वाले आंकड़ों से संभवत: कहीं अधिक हैं.

हाई कोर्ट ने कहा, इस चुप्पी को तोड़ने की जरूरत है. ऐसा करने में, महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने और उसका मुकाबला करना पुरुषों, शायद महिलाओं से भी अधिक, का कर्तव्य और भूमिका होनी चाहिए. इसने कहा कि 50 अमेरिकी राज्यों, तीन ऑस्ट्रेलियाई राज्यों, न्यूजीलैंड, कनाडा, इज़राइल, फ्रांस, स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे, सोवियत संघ, पोलैंड और चेकोस्लोवाकिया तथा कई अन्य देशों में वैवाहिक बलात्कार अवैध है. आदेश में कहा गया कि यहां तक ​​कि ब्रिटेन ने भी पतियों को दी जाने वाली छूट को खत्म कर दिया है. पीड़िता के पति, ससुर और सास को राजकोट साइबर अपराध थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था.

Also Read: लचर पुलिसिंग : दुष्कर्म के 8000 केस की जांच समय पर पूरा करने में झारखंड पुलिस फेल

इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धाराओं-354 (ए) (अवांछनीय और स्पष्ट यौन उत्पीड़न, यौन संबंध की मांग, महिला की इच्छा के विपरीत अश्लील सामग्री दिखाना), 376 (बलात्कार), 376 (डी) (सामूहिक बलात्कार), 498 (पति या पति के रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता), 506 (आपराधिक धमकी), 508 (किसी व्यक्ति को यह विश्वास कराना कि यदि वह कोई विशेष कार्य नहीं करता है, तो उसे भगवान द्वारा दंडित किया जाएगा) और 509 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया था. अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला के बेटे ने अपने मोबाइल फोन पर अपनी पत्नी के और अपने (पति-पत्नी) अंतरंग क्षणों के नग्न वीडियो बनाए तथा उन्हें अपने पिता को भेज दिया. इस बारे में लड़के की मां को पूरी जानकारी थी क्योंकि कृत्य उसी की मौजूदगी में किया गया था.

अभियोजन पक्ष के अनुसार, परिवार को अपने व्यावसायिक साझेदारों द्वारा अपने होटल की बिक्री को रोकने के लिए धन की आवश्यकता थी. जब पीड़िता अकेली थी तो उसके ससुर ने भी उसके साथ छेड़छाड़ की. कोर्ट ने कहा कि सास को गैरकानूनी और शर्मनाक कृत्य के बारे में पता था और उसने अपने पति तथा बेटे को ऐसा कृत्य करने से न रोककर अपराध में बराबर की भूमिका निभाई.

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola