बीजेपी गुजरात में बना सकती है जीत का रिकार्ड, जानिए देश में किस पार्टी ने किया है सबसे लंबे समय तक शासन

Published by : Pritish Sahay Updated At : 08 Dec 2022 11:14 AM

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अगर बीजेपी गुजरात चुनाव जीत जाती है तो वो 32 सालों तक लगातार सरकार बनाने वाली पार्टी बन जाएगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ राज्यों में एक ही पार्टी ने दशकों तक राज किया है. जी हां, देश के कई ऐसे राज्य है जहां एक ही पार्टी ने लंबे समय तक शासन किया है.

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गुजरात विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है. रुझानों में बीजेपी को 182 में से 153 सीटों पर रिकॉर्ड जीत मिल रही है. रुझानों में 2022 की विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 55 सीटों का फायदा हो रहा है. रुझान आने के साथ ही बीजेपी नेता और कार्यकर्ता में खुशी की लहर है. बीजेपी के लिए यह खुशी कई गुणा इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अगर वो जीत जाती है तो वो पश्चिम बंगाल में सीपीएम के रिकॉर्ड तोड़ने के करीब आ जाएगी.

रुझानों से साफ है कि गुजरात में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बन रही है. यानी 7 बार से लगातार वो गुजरात में सरकार बना रही है. ऐसे में अगर बीजेपी चुनाव जीत जाती है तो वो 32 सालों तक लगातार सरकार बनाने वाली पार्टी बन जाएगी. लेकिन क्या आपको पता कुछ राज्यों में एक ही पार्टी ने दशकों तक राज किया है. जी हां  देश के कई ऐसे राज्य है जहां एक ही पार्टी ने लंबे समय तक शासन किया है. इसमें सबसे पहला नाम है पश्चिम बंगाल का जहां CPM ने लगातार 34 सालों तक शासन किया.

1977 से सीपीएम का रहा शासन: पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद सबसे लंबे समय तक एक ही पार्टी के शासन में रहने का रिकार्ड है जिसे अभी तक कोई ब्रेक नहीं कर पाया है. हालांकि अगर बीजेपी गुजरात चुनाव जीत जाती है तो वो इस रिकार्ड के बेहद करीब पहुंच जाएगी. पश्चिम बंगाल में सीपीएम ने लगातार 34 सालों तक शासन किया है. पश्चिम बंगाल में 1977 में जो सीपीएम की पारी शुरू हुई वो 2011 में कहीं जाकर खत्म हुई. पूरे देश में शक्तिशाली कांग्रेस भी सीपीएम का किला नहीं भेद पाए.

बतौर पार्टी सीपीएम का नाम सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने का रिकार्ड हैं लेकिन कई ऐसे मुख्यमंत्री हुए हैं जो लंबे समय तक एक भी पद पर रहे और राज्य पर शासन किया. ऐसे में अगर बात देश के इतिहास में बतौर मुख्यमंत्री सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने वाली की कई ऐसे राज्य है जहां दशकों तक एक ही शासन रहा.

पवन चामलिंग: इस कड़ी में सबसे पहला नाम सिक्किम राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग का है. उन्होंने 24 सालों तक सिक्किम में शासन किया.

ज्योति बसु: लंबे पारी खेलने वाले मुख्यमंत्रियों में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु का नाम भी शुमार है. बसु ने लगातार 23 सालों तक पश्चिम बंगाल में शासन किया. वो 1977 से 2000 तक राज्य के सीएम बने रहे.

गेगांग अपांग: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी सबसे ज्यादा समय तक किसी राज्य के मुख्यमंत्री रहने की सूची में शामिल है. वो 19 सालों तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. वो साल 1980 से 1999 तक सीएम रहे.

माणिक सरकार: त्रिपुरा के सीएम माणिक सरकार भी 19 सालों तक प्रदेश के सीएम रहे. वो 1998 से 2018 तक त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे.

नवीन पटनायक: नवीन पटनायक भी 19 सालों से ओडिशा के मुख्यमंत्री हैं.
एम. करुणानिधि: इस लिस्ट में एम. करुणानिधि का नाम भी शुमार है. वो 18 साल तक बतौर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे.

भारत में लंबी पारी खेलने वाले सीएम में उपरोक्त नाम तो शुमार होता ही है इसके अलावा भी ऐसे कई नाम जो लंबे समय तक किसी राज्य के मुख्यमंत्री बने रहे हैं. राजस्थान के सीएम मोहन लाल सुखाड़िया, गोवा के सीएम प्रतापसिंह राणे, दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित, असम के सीएम तरुण गोगोई गुजरात के पूर्व सीएम और भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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