GST Council Meeting: प्लेटफॉर्म टिकट GST के दायरे से बाहर, दूध के डिब्बों पर 12 फीसदी जीएसटी, वित्त मंत्री ने की बड़ी घोषणाएं

Published by : Pritish Sahay Updated At : 22 Jun 2024 8:33 PM

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GST Council Meeting | PTI

GST Council Meeting: जीएसटी की 53वीं बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे की ओर से दी जाने वाली प्लेटफॉर्म टिकट जैसी सेवाओं को जीएसटी से छूट दी गई. उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म टिकट पर टैक्स में छूट दी गई है.

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GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी शनिवार को जीएसटी काउंसिल मीटिंग की. यह जीएसटी की 53वीं बैठक थी. बैठक के दौरान बताया गया कि इंडियन रेलवे की कई सेवाओं को जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है. मीटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब प्लेटफॉर्म टिकट पर जीएसटी नहीं लगेगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि मैं करदाताओं को आश्वस्त करना चाहती हूं कि हमारा इरादा जीएसटी करदाता के जीवन को आसान बनाना है. हम कम से कम अनुपालन की दिशा में काम कर रहे हैं.

मौद्रिक सीमा तय करने की सिफारिश
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकारी मुकदमों को कम करने के लिए जीएसटी परिषद ने विभिन्न अपीलीय प्राधिकरणों के समक्ष कर विभाग की ओर से अपील दायर करने के लिए एक मौद्रिक सीमा तय की है. जीएसटी परिषद की 53वीं बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए 20 लाख रुपये, हाई कोर्ट के लिए एक करोड़ रुपये और सुप्रीम कोर्ट के लिए दो करोड़ रुपये की मौद्रिक सीमा तय करने की सिफारिश की है. उन्होंने कहा कि इसके तहत यदि मौद्रिक सीमा जीएसटी परिषद की ओर से तय सीमा से कम है तो कर प्राधिकरण आमतौर पर अपील नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि परिषद ने यह भी सिफारिश की है कि अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने के लिए पूर्व जमा की अधिकतम राशि सीजीएसटी और एसजीएसटी के लिए 25 करोड़ रुपये से घटाकर 20 करोड़ रुपये की जाए.

छात्रावास सेवाओं के लिए 20 हजार रुपये तक की छूट
उन्होंने कहा कि इसके अलावा परिषद ने शैक्षणिक संस्थानों के बाहर छात्रावास सेवाओं के लिए 20,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह तक छूट दी है. उन्होंने कहा कि यह छूट छात्रों या कामकाजी वर्ग के लिए है और कम से कम 90 दिनों तक रहने पर इसका लाभ उठाया जा सकता है.

पेट्रोल और डीजल GST के दायरे में आएगा या नहीं?
वहीं पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने के सवाल पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फिलहाल जीएसटी का इरादा पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाना है. यह यह राज्यों पर निर्भर है कि वे एक साथ आएं और पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में शामिल करें. केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट है कि हम चाहते हैं कि जीएसटी में पेट्रोल और डीजल को शामिल किया जाए.

कार्टन बॉक्स पर जीएसटी घटाकर 12 फीसदी करने की सिफारिश
जीएसटी परिषद की 53वीं बैठक में सभी प्रकार के कार्टन बॉक्स पर जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 12 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है. यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश लगातार सेब के कार्टन बॉक्स पर जीएसटी में कमी की मांग कर रहा है और इस कटौती से बागवानों और उद्योग दोनों को लागत बचाने में मदद मिलेगी. हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राज्य के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से निर्णय लेने के लिए परिषद को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस निर्णय से उद्योग को कार्यशील पूंजी लागत कम करने में भी मदद मिलेगी. भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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