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सरकार किसी की हो देशहित में केंद्र का साथ देगी बसपा: मायावती

By Panchayatnama
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सरकार किसी की हो देशहित में केंद्र का साथ देगी बसपा:  मायावती
सरकार किसी की हो देशहित में केंद्र का साथ देगी बसपा: मायावती
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गलवान घाटी पर भारत चीन सैनिकों के बीच हुए झड़प के बाद सीमा पर जारी तनाव के बीच भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है. दोनों ही ओर से गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं. इस बीच बीएसपी सुप्रीमों मायवती ने भाजपा और कांग्रेस को निशाने पर लिया है. भारत चीन मसले को लेकर दोनों ही पार्टियों पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि चीन का मसला काफी गंभीर है. पर इसके बावजूद देश की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां इस मामले को लेकर राजनीति करने में लगी हुई है. जो बिल्कुल गलत है. मायावती ने कहा कि देश में हो रही इस राजनीतिक लड़ाई का चीन भी फायदा चीन उठा सकता है, जिससे देश को और देश की जनता का नुकसान होगा. बसपा सुप्रीमों ने कहा कि यह देशहित का मामला है, और देशहित के मामले पर बसपा हमेशा केंद्र से साथ खड़ी रहेगी. चाहे केंद्र में किसी की भी सरकार हो.

भारत चीन मामले के बाद मायावती ने पेट्रोल- डीजल की बढ़ रही कीमतों पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा की एक तो आम जनता पहले ही लॉकडाउन के कारण त्रस्त हो गयी है, दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के कारण आम जनता को काफी परेशानी हो रही है. इसके कारण मंहगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गयी है. सरकार को पेट्रोल डीजल के दाम पर नियंत्रण करने के बारे में सोचना चाहिए. पीएम मोदी द्वारा शुरू की गयी आत्मनिर्भर योजना को लेकर उन्होंने कहा कि योजना का सिर्फ प्रचार हो रहा है, धरातल पर योजना नहीं उतर पा रही है. इसलिए प्रचार पर नहीं बल्कि इसे सही तरीके से लागू करने का उपाय करना होगा.

इससे पहले आज गलवान घाटी पर भारत चीन सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प को लेकर पूर्व आर्मी चीफ और केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने गलवान घाटी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. एक निजी न्यूज चैनल से साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बताया कि चीनी सौनिकों के कैंप में भड़की आग हिंसा का कारण बनी. चीनी कैंप में लगी आग के बाद भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई. पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि यह घटना तब घटी जब 15 जून की शाम भारतीय सैनिक चीनी सैनिकों की पॉजिशन देखने के लिए गये थे. जबकि उससे पहले भारत और चीन के बीच लेफ्टिनेंट लेवल की बातचीत में यह फैसला हुआ था कि सीमा के पास कोई भी सैनिक मौजूद नहीं रहेगा.

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