GOOD NEWS : 24 घंटे में 7,135 लोगों ने दी कोरोना को मात, देश में अब एक्‍टिव केस से ज्‍यादा ठीक होने वालों की संख्‍या

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GOOD NEWS : 24 घंटे में 7,135 लोगों ने दी कोरोना को मात, देश में अब एक्‍टिव केस से ज्‍यादा ठीक होने वालों की संख्‍या

Jammu: A doctor checks the temperature of a child passenger as part of precautionary measures against the new coronavirus, at a railway station in Jammu, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo) (PTI12-03-2020_000050B)

Goodnews COVID 19 in india discharged cases are 8,550 more than active cases in the country : स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार पिछले 24 घंटे में 7,135 मरीज स्वस्थ हो गये हैं. सबसे सुखद जो खबर है वह यह है है कि एक्टिव केस और स्वस्थ होने वाले मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. आज के आंकड़ों के अनुसार स्वस्थ होने वाले लोगों का आंकड़ा एक्टिव केस से 8,550 अधिक है.

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नयी दिल्ली : स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार पिछले 24 घंटे में 7,135 मरीज स्वस्थ हो गये हैं. सबसे सुखद जो खबर है वह यह है कि एक्टिव केस और स्वस्थ होने वाले मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. आज के आंकड़ों के अनुसार स्वस्थ होने वाले लोगों का आंकड़ा एक्टिव केस से 8,550 अधिक है. पिछले चार दिनों से लगातार कोरोना के एक्टिव केस से ज्यादा स्वस्थ होने वाले मामले सामने आ रहे हैं.

हालांकि पिछले 24 घंटों में देश में सबसे ज्यादा 11,458 मामले सामने आये , जिसकी बदौलत भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तीन लाख के पार चला गया है और भारत कोरोना संक्रमितों के मामले में अब विश्व में चौथे नंबर पर आ गया है. अब भारत से ऊपर तीन देश हैं अमेरिका, ब्राजील और रूस.

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में रिकवरी रेट 49.95 हो गया है. कोरोना के मामलों को दोगुना होने में अब 17.4 का समय लग रहा है.

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हालांकि आईसीएमआर का कहना है कि देश में कोरोना का ग्राफ अभी समतल नहीं हुआ है, इसलिए अभी सोशल डिस्टैंसिंग और मास्क की जरूरत सभी को है. सर गंगा राम अस्पताल के वाइस चेयरमैन भी यह कह चुके हैं कि देश में कोरोना का खतरा बना हुआ है और जुलाई-अगस्त में यह अपने पीक पर होगा.

देश में संक्रमण से हुई 386 मौत के मामलों में से दिल्ली में 129, महाराष्ट्र में 127, गुजरात में 30, उत्तर प्रदेश में 20, तमिलनाडु में 18, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में नौ-नौ, कर्नाटक और राजस्थान में सात-सात, हरियाणा और उत्तराखंड में छह-छह, पंजाब में चार, असम में दो, केरल, जम्मू कश्मीर तथा ओडिशा में एक-एक लोगों की मौत हुई है.

Posted By : Rajneesh Anand

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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