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G 20 Summit: जी20 समूह ने की आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए माना गंभीर खतरा

Updated at : 09 Sep 2023 9:11 PM (IST)
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G 20 Summit: जी20 समूह ने की आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए माना गंभीर खतरा

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi at the Session-2 on 'One Family' during the G20 Summit 2023 at the Bharat Mandapam, in New Delhi, Saturday, Sep. 9, 2023. (PTI Photo)(PTI09_09_2023_000364A)

G 20 Summit: जी 20 समूह ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की है. साथ ही, आतंकवादी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह के साथ-साथ उन्हें आर्थिक और राजनीतिक समर्थन से वंचित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया.

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दिल्ली में आज से दो दिवसीय जी 20 शिखर सम्मेलन का आगाज हो गया. जी 20 सम्मेलन की पहले दिन की बैठक भारत मंडपम में हुई. पीएम मोदी ने समिट का उद्घाटन करते हुए वैश्विक मुद्दों पर बात की. दरअसल, जी 20 सम्मेलन के पहले दिन दो मुद्दों पर चर्चा हुई. पहले सत्र में द अर्थ और दूसरे सत्र में वन फैमिली पर चर्चा हुई. जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है और नई दिल्ली जी 20 लीडर समिट के डेक्लेरेशन (घोषणापत्र) पर आम सहमति बन गयी. इसकी जानकारी देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि हमारा संदेश पूरी तरह साफ है. वन अर्थ वन फैमिली, वन फ्यूचर हमारा ध्येय है. साझा विकास पर सभी देशों की सहमति बनी है. जी-20 सम्मेलन हमारी संस्कृति को पेश करने का अवसर है.  भारत के लिए अच्छी बात है कि अफ्रीकी संघ को भारत की अध्यक्षता में जी-20 की स्थायी सदस्यता मिली.

जी-20 ने भारत को विश्व के लिए तैयार करने और विश्व को भारत के लिए तैयार करने में योगदान दिया है.  उन्होंने कहा कि जी-20 के सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणा पत्र पर जो सहमति जतायी वह मजबूत, टिकाऊ, संतुलित और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. सभी के सहयोग से हम सतत विकास लक्ष्य को हासिल करेंगे. विदेश मंत्री ने कहा कि जी-20 के सभी सदस्य देशों ने किसी भी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरों में से एक माना.  जी20 घोषणापत्र में परिवर्तन, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर ध्यान देने के साथ प्रौद्योगिकी की समावेशी भूमिका को रेखांकित किया गया है. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में  एक धरती, एक परिवार और एक भविष्य पर जोर दिया गया है.

गौरतलब है कि देश के 60 शहरों में जी 20 की बैठक हुई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सम्मेलन में 21वीं सदी के चुनौतियों पर चर्चा की गयी और इस दौरान वैश्विक समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया गया. बैठक के दौरान क्रिप्टो के नियम और इस बात पर चर्चा हुई कि कोई भी देश पीछे नहीं रहे.  ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर चर्चा पर भी मंथन किया गया. 37 पेजों के घोषणा पत्र में रूस का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया गया, लेकिन यूक्रेन युद्ध की चर्चा है. यूक्रेन में युद्ध के संबंध में, बाली में चर्चा को याद करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनाए गए अपने राष्ट्रीय पदों और प्रस्तावों को दोहराया गया और  इस बात पर जोर दिया कि सभी राज्यों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप काम करना चाहिए.  

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप, सभी राज्यों को किसी भी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ क्षेत्रीय अधिग्रहण की धमकी या बल के उपयोग से बचना चाहिए और परमाणु हथियारों का उपयोग या उपयोग की धमकी को अस्वीकार्य बताया है. अफ्रीकी यूनियन को सदस्यता देने का पीएम ने वादा किया था जिसे निभाया. इस विषय में जयशंकर ने कहा कि यह मोदी की गारंटी है. उन्होंने जो वादा किया उसे पूरा किया.

जी 20 समूह ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की
जी 20 समूह ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की है. साथ ही, आतंकवादी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह  के साथ-साथ उन्हें आर्थिक और राजनीतिक समर्थन से वंचित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यानी शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि सदस्य देशों के बीच सहमति के साथ जी 20 ने नई दिल्ली घोषणा पत्र को अपनाया है. घोषणापत्र में कहा गया है कि आतंकवाद की कोई भी कार्रवाई आपराधिक और अनुचित है, चाहे ऐसी कार्रवाई कहीं भी घटित हुई हो और किसी ने भी की हो.

जी 20 समिट के दौरान घोषणा पत्र में कहा गया है कि हम शांति के लिए सभी धर्मों की प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हैं और नस्लवाद के साथ-साथ असहिष्णुता और आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करते हैं. घोषणापत्र में कहा गया कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है. जी 20 नेताओं ने महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों के खिलाफ सभी आतंकवादी कृत्यों की कड़ी निंदा की. नेताओं ने कहा कि प्रभावी आतंकवाद रोधी उपाय, आतंकवाद के पीड़ितों के लिए समर्थन और मानवाधिकारों की रक्षा परस्पर विरोधी लक्ष्य नहीं हैं, बल्कि पूरक हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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