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उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का फिर छलका दर्द, बोले- मुझ अभिमन्यु का छल से हुआ वध

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत.
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत.
फोटो : ट्विटर.

देहरादून : कुर्सी खोने के बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का दर्द छलक आया. सूबे के सीएम पद का कुर्सी गंवाने के बाद त्रिवेंद्र सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुझ जैसे इस अभिमन्यु का छल से वध हुआ है. उन्होंने कहा, 'जब अभिमन्यु को कौरवों द्वारा छल से मारा जाता है, तो मां द्रौपदी शोक नहीं करती हैं. मां द्रौपदी हाथ खड़े करके बोलती हैं, इसका प्रतिकार करो पांडवों. राजनीति में तो ये घटनाएं घटित होती रहती हैं.' उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है.

रावत ने कहा कि राजनीति में तो ये सब घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन चार साल मुख्यमंत्री रहने के नाते, 5 साल पहले विधायक के नाते, राष्ट्रीय सचिव के नाते, नमामि गंगे के नाते, झारखंड प्रभारी के नाते, उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी के नाते काम किया. राजनीति की इस काली सुरंग से मैं साफ निकल कर आया हूं.

हरिद्वार में कोरोना नियमों के पालन के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत नए आए हैं. लिहाजा, उन्हें अंदाजा नहीं रहा होगा कि वह क्या कह रहे हैं. गौरतलब है मुख्य सचिव ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में कहा है कि कुंभ में कोविड नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता का सख्ती से पालन होगा.

विधानसभा क्षेत्र के तहत होली मिलन समारोह में शामिल होने आए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अलग अंदाज में नजर आए. उनका कहना था कि जनता भी नहीं समझ पा रही है कि उन्हें क्यों हटाया गया. लोगों के मन में कई सवाल हैं. मंच पर अभिमन्यु का उदारहण देते हुए उन्होंने खुद के साथ हुए छल का जिक्र किया.

रावत के इस दर्द पर कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा, 'लगता है पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के मन में उन्हें हटाने की टीस है. यही वजह है कि उनका दर्द छलक रहा है. वहीं, भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि उनके कार्यकाल में जीरो टॉलरेंस का नारा रहा और ये भाग्य की बात है कि कौन कब तक रहता है और कौन कब तक नहीं.'

Posted by : Vishwat Sen

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