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Economic Package : 20 लाख करोड़ में श्रमिकों, प्रवासियों, किसानों और मिडिल क्लास को क्या मिला? देखिए पूरा हिसाब-किताब

Updated at : 17 May 2020 12:48 PM (IST)
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Economic Package : 20 लाख करोड़ में श्रमिकों, प्रवासियों, किसानों और मिडिल क्लास को क्या मिला? देखिए पूरा हिसाब-किताब

New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Shitharaman addresses a press conference, in New Delhi, Sunday, May 17, 2020. MoS for Finance Anurag Thakur (C) is also seen. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI17-05-2020_000024B)

Economic Package : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance minister Nirmala Sitharaman ) ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज (package announcement ) के पांचवे किस्त का ब्योरा रविवार को दिया. अपने पांचों किस्तों में उन्होंने हर वर्ग का ख्याल रखा. आर्थिक पैकेज में खासकर मोदी सरकार ने प्रवासी मजदूरों, फेरीवालों, छोटे कारोबारियों, किसानों और मिडिल क्लास का ख्याल रखा.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance minister Nirmala Sitharaman ) ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज के पांचवे किस्त का ब्योरा रविवार को दिया. अपने पांचों किस्तों में उन्होंने हर वर्ग का ख्याल रखा. आर्थिक पैकेज (package announcement ) में खासकर मोदी सरकार ने प्रवासी मजदूरों, फेरीवालों, छोटे कारोबारियों, किसानों और मिडिल क्लास का ख्याल रखा. आज निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार गरीबों को तुरंत आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं, खाना पहुंचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जान है तो जहान है. पिछले दो दिनों की घोषणाओं में कई सुधार रहे हैं जिसमें जमीन, मज़दूर, लिक्विडिटी और कानून को संबोधित किया गया है. आज हम उसी श्रृंखला में आगे बढ़ेंगे. आइए जानते हैं श्रमिकों, प्रवासियों, किसानों और मिडिल क्लास को आर्थिक पैकेज से क्या मिला……

मनरेगा के लिए अतिरिक्त धन : मनरेगा के लिए अतिरिक्त 40 हजार करोड़ रुपये का ऐलान मोदी सरकार ने किया जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को होगा.

नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम : नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम जो वृद्ध, अपंग और विधवाओं के लिए शुरू किया गया था उसके तहत 2 करोड़ 81 लाख लाभार्थियों को 2,807करोड़ रुपये अब तक ट्रांसफर कर दिया गया है. इसमें कुल 3000 करोड़ ट्रांसफर करना था.

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MSME पर दिवालियापन के तहत कार्रवाई नहीं: MSME पर दिवालियापन के तहत कार्रवाई न हो ऐसे में सीमा एक लाख से एक करोड़ की गई. कोरोना वायरस की वजह से कर्ज में आईं कपंनी को डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा. कंपनी ऐक्ट में बदलाव किए गए. CSR, बोर्ड रिपोर्ट की कमी, फाइलिंग में चूक को अपराध की सूचि से हटाया गया.

पीपीई और एन95 मास्क : भारत अब पीपीई और एन95 मास्क बना रहा है. कोरोना काल में 11.08 हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन टैबलेट बनाई गई हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज हमारे पास PPE के 300 से ज्यादा घरेलू निर्माता हैं, इस महामारी के आने से पहले हमारे पास PPE का 1 भी निर्माता नहीं था. हम पहले ही 51लाख PPE और 87 लाख N95 मास्क की आपूर्ति कर चुके हैं और 11.08 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट की आपूर्ति कर चुके हैं.

प्रवासी मजदूरों का मोदी सरकार ने रखा ध्यान : मोदी सरकार ने प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रेनें चलाई. जिस राज्य ने जितनी ट्रेन मांगी उतनी दी गईं. इसका 85 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार ने उठाया.

DBT से गरीबों को लाभ: निर्मला सीतारमण ने बताया कि सबके खाते में सीधा पैसा पहुंचाकर मदद की जा रही है. ऐसा डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) की मदद से हो पा रहा है. कुल 20 करोड़ जनधन खातों में पैसे डाले गए. देश के 20 करोड़ जन-धन खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 500-500 रुपये भेजे गए. उज्ज्वला योजना के तहत 6.81 करोड़ रसोई गैस धारकों को मुफ्त सिलेंडर दिया गया. इसके अलावा 2.20 करोड़ निर्माण मजदूरों को सीधे उनके खाते में पैसा दिया गया.

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गरीबों के स्वास्थ की चिंता: हेल्थ सर्विस में बदलाव पर सरकार स्वास्थ्य व्यय बढ़ाएगी. जिला स्तर के हॉस्पिटल में इंफेक्शन से होनेवाली बीमारी से लड़ने की तैयारी होंगी. ग्रामीण क्षेत्रों में हर ब्लॉक में पब्लिक हेल्थ लैब बनाई जाएंगी.

लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर : पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है. पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर कैश का किया गया. इसके तहत 8.19 करोड़ किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये दिए गए हैं.

किसान क्रेडिट कार्ड: 2.5 करोड़ किसानों को रियायती दर पर 2 लाख करोड़ रुपये का ऋण देने का एलान मोदी सरकार ने किया है. इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. मछुआरों और पशुपालकों को भी इससे लाभ पहुंचेगा.

दालें भी 3 महीने पहले एडवांस में : दालें भी 3 महीने पहले एडवांस में दे दी गईं. इसके लिए वित्त मंत्री ने FCI, NAFED और राज्यों के ठोस प्रयासों की सराहना की. इन्होंने लॉजिस्टिक की इतनी बड़ी चुनौती के बाद भी इतनी ज्यादा मात्रा में दालें और अनाज बांटने का काम किया. इससे गरीब परिवारों को लाभ मिला.

नाबार्ड के जरिए किसानों को मदद: छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सुविधा केंद्र सरकार देगी. यह नाबार्ड के 90 हजार करोड़ रुपये के अलावा है. यह पैसा कोऑपरेटिव बैक के जरिए दिया जाएगा जिसका फायदा 3 करोड़ किसानों को मिलेगा.

कैंपा फंड : रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए और ग्रामीण, आदिवासी इलाकों के लिए कैंपा फंड के तहत 6 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान मोदी सरकार करेगी जिससे पौधारोपण, हरियाली बढ़ाने जैसे काम किए जाएंगे.

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हाउजिंग लोन पर सब्सिडी योजना: हाउजिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 6-18 लाख रुपये की वार्षिक आमदनी वाले मिडिल क्लास के लिए 2017 में लाए गए हाउसिंग लोन सब्सिडी योजना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने का काम मोदी सरकार ने किया है. इसके लिए 70 हजार करोड़ रुपये का पैकेज उपलब्ध कराया गया. एक साल में 2.5 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा. इससे हाउजिंग सेक्टर लाभान्वित होंगे और साथ ही नई नौकरियां भी पैदा होंगी.

रेहड़ी पटरी वालों का ख्याल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेहड़ी, पटरी, फेरीवालों का भी ख्याल रखा है. इनके लिए सरकार एक महीने में ऋण योजना लाएगी. इसके तहत 50 लाख फेरीवालों को 5 हजार करोड़ रुपये की ऋण सहायता दी जाएगी. ये आसानी से 10 हजार रुपये तक का ऋण लेने में सक्षम होंगे. इसका उद्देश्य यह है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद वे अपना काम दोबारा शुरू कर सकें. मोबाइल से पेमेंट करने वाले फेरीवालों को सरकार प्रोत्साहन देगी. आने वाले समय में उन्हें अतिरिक्त लोन मिल सकेगा.

मुद्रा शिशु लोन योजना में ब्याज राहत: मुद्रा शिशु लोन योजना के तहत 1500 करोड़ रुपये की ब्याज राहत देने का काम मोदी सरकार करेगी. एक लाख 62 हजार करोड़ रुपये इसके तहत दिए गए हैं. इसका लाभ 3 करोड़ लोगों को मिलेगा.

शहरी गरीबों का ख्याल: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम लाने का काम करेगी. पीपीपी मॉडल पर किराये पर रहने के लिए घर बनाएं जाएंगे, जिनमें वे कम किराए में रहने की सुविधा का लाभ ले सकें. ताकि कम किराये पर उन्हें शहर में घर मिल जाए. जो उद्योगपति अपनी जमीन पर ऐसे घर बनाएंगे उन्हें प्रोत्साहन दिया जाएगा. राज्य सरकार का साथ इसमें केंद्र सरकार लेगी.

मजदूरों को मुफ्त राशन: अगले दो महीने तक सभी प्रवासी मजदूरों को बिना कार्ड के ही 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार मोदी सरकार उपलब्ध करवाएगी. इससे करीब 8 करोड़ प्रवासियों को फायदा होगा. इस पर सरकार करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी. अबतक 25 करोड़ लोगों को मुफ्त में गेंहूं-चावल दिए गए.

वन नेशन वन राशन कार्ड: वन नेशन वन राशन कार्ड को अगस्त 2020 तक पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा जिससे 23 राज्यों को 67 करोड़ लोगों को लाभ होगा. पीडीएस योजना के 83 फीसदी लाभार्थी इससे जुड़ जाएंगे. मार्च 2021 तक इसमें 100 फीसदी लाभार्थी जुड़ जाएंगे. देश के किसी भी कोने में लोग अपने राशन कार्ड से उचित मूल्य दुकान से राशन का लाभ ले सकेंगे.

न्यूनतम वेतन: निर्मला सीतारमण ने बताया कि अभी केवल 30 पर्सेंट कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन मिल पा रहा है. सरकार लेबर कोड पर काम कर रही है जिसके तहत सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा.

प्रोत्साहन पैकेज की पांचवीं किस्त : प्रोत्साहन पैकेज की पांचवीं किस्त में सात मुद्दों ‘मनरेगा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, कारोबार, कंपनी अधिनियम को गैर-आपराधिक बनाने, कारोबार की सुगमता, सार्वजनिक उपक्रम और राज्य सरकारों से जुड़े संसाधन’ पर ध्यान रखा गया. निर्मला सीतारमण ने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद(जीएसडीपी) को 3 से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है.

आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त में कृषि, डेयरी, मधुमक्खीपालन, औषधीय खेती को बढ़ावा

सरकार ने कृषि एवं इससे जुड़े डेयरी, मछलीपालन, मधुमक्खीपालन और औषधीय खेती जैसे क्षेत्रों के लिये 1.63 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है. पैकेज का लक्ष्य कृषि उपज के बेहतर रखरखाव, परिवहन और दूसरी जरूरी बुनियादी सुविधाओं के लिये क्षमता निर्माण को मजबूती देना है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी से पस्त अर्थव्यवस्था को उठाने के लिये घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की किस्त जारी करते हुए एक लाख करोड़ रुपये के कृषि बुनियादी संरचना कोष की घोषणा की. इस कोष से उन परियोजनाओं का वित्त पोषण किया जायेगा, जो फसलों की कटाई के बाद प्रबंधन व भंडारण आदि से संबंधित हैं. इसके अलावा सूक्ष्म खाद्य इकाइयों, पशुओं के टीकाकरण, डेयरी क्षेत्र, औषधीय खेती, मधुमक्खी पालन और फलों एवं सब्जियों के लिये भी योजनाओं की घोषणा की गयी.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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