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नामीबिया से एमपी के कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता 'साशा' की मौत, किडनी में हुआ था इन्फेक्शन

Updated at : 27 Mar 2023 7:31 PM (IST)
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नामीबिया से एमपी के कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता 'साशा' की मौत, किडनी में हुआ था इन्फेक्शन

Cheetah Shasha Death: नामीबिया से मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में लाई गई एक मादा चीता 'साशा' की मौत हो गई है. जानकारी के मुताबिक, साशा को भारत लाए जाने से पहले किडनी में संक्रमण था.

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Cheetah Shasha Death: 22 दिसंबर को नामीबिया से मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में लाई गई एक मादा चीता ‘साशा’ की मौत हो गई है. बताया गया कि चीता साशा को भारत लाए जाने से पहले किडनी में संक्रमण था और उसका इलाज चल रहा था.

वन विभाग ने इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स टीम को भेजा था कूनो

मादा चीता साशा में 22-23 जनवरी को बीमार होने के लक्षण पता चले थे. इसके बाद उसे बड़े बाड़े से छोटे बाड़े में शिफ्ट किया गया. उसका इलाज करने के लिए वन विभाग ने इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स टीम को कूनो भेजा था. शुरुआती लक्षणों में डीहाइड्रेशन और किडनी की बीमारी का पता चला था. साशा को बचाने के लिए वन विहार नेशनल पार्क से डॉ. अतुल गुप्ता को भी भेजा गया था. विशेषज्ञों ने उसे फ्लुइड चढ़ाया था, जिससे साशा की तबीयत में सुधार भी दिखा था.

चीतों में किडनी की बीमारी होना सामान्य बात: एक्सपर्ट

वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि चीतों में किडनी की बीमारी होना सामान्य बात है. इसे प्रोजेक्ट चीता को झटके के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. बताते चलें कि साशा को सात अन्य चीतों के साथ नामीबिया से लाया गया था. वन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह सामान्य है. वह बीमार थी. उसे बचाने के लिए कोशिश की गई. इसके बाद भी हम उसे बचा नहीं सके. नामीबिया से एक्सपर्ट्स भी हमारी मदद कर रहे थे. वह पहले दिन से ही कमजोर थी. वन विभाग का कहना है कि भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन ने चीता कंजर्वेशन फाउंडेशन, नामीबिया से साशा की ट्रीटमेंट हिस्ट्री मंगाई थी. पता चला कि 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में किए गए अंतिम खून के नमूने की जांच में क्रियेटिनिन का स्तर 400 से अधिक पाया गया था. इससे यह पुष्टि भी होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत आने से पहले से ही थी.

पीएम मोदी ने चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था

17 सितंबर 2022 को पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था. यह 70 साल बाद पहला मौका था, जब कोई चीता भारतीय धरती पर खुले में घूम रहा था. इस जत्थे में 8 चीते थे, जिन्हें मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था. इसके बाद फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों का दूसरा जत्था भारत लाया गया है. इन 12 चीतों में सात नर और पांच मादा शामिल थीं. इन्हें फिलहाल कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटाइन बाड़े में रखा गया है.

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Samir Kumar

लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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