Farmers Protest: 29 फरवरी तक किसानों का दिल्ली मार्च टला, आंदोलन जारी, रणक्षेत्र बना हुआ है पंजाब-हरियाणा बॉर्डर
Published by : Pritish Sahay Updated At : 24 Feb 2024 9:13 AM
Photo: PTI
Farmer Protest: बीते करीब 10 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है. किसान अपनी मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा की दिल्ली से लगने वाली सीमा पर डटे हुए हैं. बता दें, संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है.
Farmers Protest: किसानों का आंदोलन लगातार जारी है. बीते 10 दिनों से किसान दिल्ली से लगती पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर डटे हुए हैं. वहीं खबर है कि किसानों ने अपना दिल्ली चलो मार्च 29 फरवरी तक के लिए टाल दिया है. हालांकि हर दिन के साथ आंदोलन तेज होता जा रहा है. शुक्रवार को भी किसानों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई. हरियाणा में किसानों के जमाव को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. साथ ही कुछ किसानों को हिरासत में ले लिया. जिसके बाद किसानों का भी गुस्सा फूट पड़ा. नाराज किसानों ने पुलिस पर पथराव किया. बता दें, इससे पहले प्रदर्शन के दौरान एक किसान की मौत हो गई थी. जिससे किसानों में खासी नाराजगी है. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि जो लोग किसान की मौत के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम आज की बैठक के बाद दिल्ली जाने पर फैसला लेंगे. इसके अलावा किसान नेताओं अगले सप्ताह ट्रैक्टर मार्च निकालने का भी ऐलान किया है.
Farmers Protest:किसानों ने रोका शुभकरण का अंतिम संस्कार
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर ‘दिल्ली चलो’ विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest Updates) में शामिल नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि हरियाणा पुलिस की पंजाब के किसानों के साथ हुई झड़प के दौरान मारे गए शुभकरण सिंह का अंतिम संस्कार तब तक नहीं किया जाएगा जब तक पंजाब सरकार घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करती. बता दें, पंजाब के बठिंडा निवासी शुभकरण सिंह की मौत पंजाब और हरियाणा की सीमा खनौरी में बुधवार को हरियाणा पुलिस और पंजाब के किसानों के बीच हुई झड़प के दौरान हो गई थी. यह घटना तब हुई जब किसानों को रोकने के लिए हरियाणा प्रशासन की ओर से लगाए गए कई स्तर के अवरोधकों को उन्होंने तोड़ने की कोशिश की और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई.
Farmers Protest: रासुका लगाने का फैसला सरकार ने लिया वापस
हरियाणा पुलिस ने आज यानी शुक्रवार को कहा कि वह किसान आंदोलन का हिस्सा रहे कुछ किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के प्रावधानों को लागू करने के अपने फैसले को वापस ले रही है. शुक्रवार को पुलिस महानिरीक्षक सिबाश कबीराज ने कहा कि अंबाला के कुछ किसान यूनियन नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के मामले पर पुनर्विचार कर यह फैसला किया गया है कि उन पर रासुका नहीं लगाया जाएगा. गौरतलब है कि बीते दिन अंबाला पुलिस ने अपने बयान में कहा था कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 2(3) के तहत प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के पदाधिकारियों को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर रही है
Farmers Protest: पंजाब सरकार देगी एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी
खनौरी सीमा पर मारे गए किसान शुभकरण सिंह के परिवार को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपये और उसकी बहन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनौरी में बुधवार को झड़प में बठिंडा के किसान सिंह की मौत हो गई थी और 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. यह घटना तब हुई जब प्रदर्शन कर रहे कुछ किसानों ने अवरोधकों की ओर बढ़ने की कोशिश की थी. बता दें, किसान नेताओं ने शुभकरण सिंह को शहीद का दर्जा दिए जाने की भी मांग की है.
Farmer Protest: किसानों का जारी है आंदोलन
गौरतलब है की बीते करीब 10 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है. किसान अपनी मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा की दिल्ली से लगने वाली सीमा पर डटे हुए हैं. बता दें, संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है. केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान दिल्ली मार्च पर अड़े हुए हैं. भाषा इनपुट के साथ
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By Pritish Sahay
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