Fact Check: ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट बीए.5 दिमाग के लिए है खतरनाक, जानें क्या है इस वायरल मैसेज का सच

Published by : Pritish Sahay Updated At : 02 Jan 2023 10:24 PM

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कोरोना के लेकर सोशल मीडिया पर एक खबर सुर्खियां बटोर रही है कि कोरोना के सब-वेरिएंट ओमिक्रोन का एक सब-वेरिएंट BA.5 दिमाग पर असर डालता है. आइए जानते हैं कि क्या है इसको लेकर पीआईबी की फैक्ट चेकिंग रिपोर्ट.

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Fact Check News: चीन, हांगकांग, जापान समेत कई देशों में एक बार फिर कोरोना संक्रमितो की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. चीन में हालात बद से बदतर हो गये हैं. वहीं, कोरोना को संभावित खतरे को देखते हुए भारत में भी नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है.

सुर्खियां बटोर रही है वायरस खबर: वहीं, हाल के दिनों में कोरोना के लेकर सोशल मीडिया पर एक खबर सुर्खियां बटोर रही है कि कोरोना के सब-वेरिएंट ओमिक्रोन का एक सब-वेरिएंट BA.5 दिमाग पर असर डालता है. हालांकि पीआईबी की फैक्ट चेकिंग में खबर के फर्जी साबित हो रही है.

सब वेरिएंट का होता है दिमाग पर असर! : बता दें, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज में यह कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट बीए.5 (BA.5) इंसानों के दिमाग पर घातक असर डाल सकता है. दिमाग के लिए यह खतरनाक हो सकता है. लेकिन अब पीआईबी ने साफ कर दिया है कि यह खबर सिर्फ भ्रम फैलाने वाला है. वास्तव में ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट बीए.5 का इससे कोई लेना देना नहीं है.

फैक्ट चेक में साबित हुआ फर्जी: फैक्ट चेक में यह बात सामने आयी है कि ऐसा कुछ नहीं है. फैक्ट चेक में कहा गया है कि चीन में इस बात को हवा दी जा रही है कि ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट BA.5 आगे चलकर इंसानी दिमाग में हमला करने वाला वेरिएंट के रूप में विकसित हो सकता है. लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. जो रिपोर्ट वायरल हो रहा है वैसा कुछ नहीं है. पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने इसे भ्रामक संदेश कहा है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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