'ईवीएम, VVPAT सभी के लिए बड़ी चिंता...' बोले जयराम रमेश- चुनाव आयोग से नहीं मिल रहा ठोस जवाब

Published by : Pritish Sahay Updated At : 08 Jan 2024 4:20 PM

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के एक प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दे. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराने के साथ-साथ वीवीपैट के विषय में आयोग के सामने अपनी बात रख सकेंगे.

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कांग्रेस के वरिष्ट नेता और महासचिव जयराम रमेश ने ईवीएम के मुद्दे पर चुनाव आयोग को एक बार फिर पत्र लिखा है. दरअसल चुनाव आयोग ने वीवीपैट संबंधी चिंताओं को खारिज कर दिया था, जिसके बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जवाब देते हुए पत्र लिखा. अपने पत्र में रमेश ने लिखा है कि निर्वाचन आयोग विपक्षी दलों के सवालों और ईवीएम को लेकर हो रही चिंता का ठोस जवाब नहीं दे सका है. उन्होंने लिखा कि वीवीपैट पर चर्चा और सुझाव के लिए आयोग से मिलने का वक्त मांगा गया था लेकिन आयोग ने हमारी मांग को नहीं माना.

I-N-D-I-A के प्रतिनिधिमंडल को मिलने के दें समय- जयराम
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के एक प्रतिनिधिमंडल को आयोग मिलने का समय दे. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराने के साथ-साथ वीवीपैट के विषय में आयोग के सामने अपनी बात रख सकेंगे. बता दें, रमेश ने बीते साल 30 दिसंबर को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि इंडिया के एक प्रतिनिधिमंडल को वीवीपैट पर्चियों पर अपने विचार रखने के लिए समय दिया जाए.

चुनाव आयोग ने पत्र का दिया था पत्र का जवाब
इससे पहले निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट मुद्दे पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश की चिंताओं को खारिज करते हुए बीते शुक्रवार को कहा था कि ऐसा कोई नया दावा या वैध संदेह नहीं उठाया गया है जिसके लिए और स्पष्टीकरण की जरूरत हो. आयोग ने अपने पत्र में यह भी कहा था कि पेपर पर्चियों संबंधी नियम कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2013 में पेश किया था.

सोशल मीडिया पर रमेश ने साझा किया पत्र
वहीं, चुनाव आयोग के लिखे पत्र के जवाब में लिखे गये अपने पत्र को जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर भी साझा किया है. इसमें उन्होंने लिखा कि हमारी मांग मानने के बजाय आयोग ने हमें चुनाव आयोग की वेबसाइट पर FAQ में जवाब पढ़ने की सलाह दी है. रमेश ने कहा कि जब हमने बताया कि FAQ में हमें जवाब नहीं मिल रहे हैं तो आयोग ने हमारे सवालों को ही गलत ठहरा दिया. जयराम रमेश ने कहा है कि आयोग गठबंधन के घटक दलों के एक छोटे प्रतिनिधिमंडल से मिलें और कम से कम यह सुनें कि वीवीपैट के मुद्दे पर उन्हें क्या कहना है.

गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन ने 19 दिसंबर को एक बैठक की थी. जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की कार्यप्रणाली की को लेकर संदेह जारी किया गया था. वहीं, गठबंधन ने मांग की थी कि वीवीपैट पर्चियां मतदाताओं को सौंपी जाएं, जो इसे एक अलग बॉक्स में डाल सकें. विपक्षी गठबंधन ने पर्चियों और ईवीएम के 100 फीसदी मिलान की भी मांग की थी.
भाषा इनपुट से साभार

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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