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Election Commission: पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आयोग ने कसी कमर

Updated at : 05 Feb 2026 7:30 PM (IST)
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Election Commission: पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आयोग ने कसी कमर

चुनाव आयोग ने गुरुवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभाओं चुनावों के लिए नियुक्त किए जाने वाले सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक का आयोजन किया. इस बैठक में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षकों सहित 1444 अधिकारी शामिल हुए. बैठक भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान(आईआईआईडीईएम) में 5 और 6 फरवरी को तीन चरणों में आयोजित की जा रही हैं.

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Election Commission: पांच राज्यों असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग तैयारी में जुट गया है. असम को छोड़कर बाकी राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम अंतिम चरण में है. हालांकि विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहे हैं और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. इस बीच चुनाव आयोग ने गुरुवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभाओं चुनावों के लिए नियुक्त किए जाने वाले सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की. इस बैठक में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षकों सहित 1444 अधिकारी शामिल हुए. 

बैठक भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान(आईआईआईडीईएम) में 5 और 6 फरवरी को तीन चरणों में आयोजित की जा रही हैं. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉक्टर सुखबीर सिंह संधू और डॉक्टर विवेक जोशी ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को संबोधित किया. गौर करने वाली बात है कि संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20 बी के तहत चुनाव आयोग को निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने का अधिकार है. ये पर्यवेक्षक जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया के कुशल और प्रभावी प्रबंधन की निगरानी करने का काम करते हैं. 


पर्यवेक्षक हर शिकायत पर करेंगे गौर 


मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यवेक्षक का काम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है. जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं वहां पर्यवेक्षकों की मौजूदगी से 824 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव तंत्र को ऊर्जा मिलेगी. चुनाव आयुक्त एसएस संधू ने कहा कि पर्यवेक्षक चुनाव क्षेत्र में काम कर रहे अधिकारियों के मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे. क्षेत्र में जाने से पहले पर्यवेक्षकों को स्थानीय अधिकारियों को आने की सूचना देनी चाहिए और सुलभ रहना चाहिए, ताकि मतदाताओं की शिकायतों का त्वरित निपटारा हो सके और किसी तरह के पक्षपात की आशंका नहीं रहे. वहीं चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने कहा कि पर्यवेक्षकों को सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव आयोग के निर्देशों का सही तरीके से पालन हो ताकि निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखा जाए. 

आयोग की ओर से पर्यवेक्षकों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पर्यवेक्षकों को मतदाता सूची तैयार करने और पांच राज्यों में होने वाले चुनाव संबंधी विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. बैठक में पर्यवेक्षकों को आईटी के प्रयोग और मीडिया प्रबंधन की भी जानकारी दी गयी. केंद्रीय पर्यवेक्षकों को सभी चुनाव कानून, नियमों और दिशा-निर्देशों से भली भांति परिचित होने और आयोग को सीधे जानकारी देने के लिए कहा गया ताकि नियमों का सख्ती और निष्पक्ष तौर पर पालन हो सके. इस दौरान पर्यवेक्षकों को राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहने और मतदाताओं की शिकायतों का समय पर निवारण करने को कहा गया. पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रों का दौरा करने और मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग द्वारा हाल ही में की गई पहल विशेष रूप से सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं के क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया.

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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