हीरानंदानी ग्रुप पर ईडी का शिकंजा! जानें किस मामले में हुई छापेमारी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Feb 2024 4:16 PM

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ईडी ने फेमा की जांच के सिलसिले में हीरानंदानी समूह के परिसरों पर छापेमारी की है. जानें क्या है पूरा मामला

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ईडी ने गुरुवार को मुंबई में हीरानंदानी ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई की है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने फेमा की एक जांच के सिलसिले में मुंबई में और उसके आसपास हीरानंदानी समूह के परिसरों पर छापेमारी की है. जानकारी के अनुसार केंद्रीय एजेंसी की ओर से बिजनेस समूह के खिलाफ उक्त कार्रवाई फेमा (Foreign Exchange Management Act, 1999) से संबंधित नियमों के उल्लंघन के मामले को लेकर की गई है. आपको बता दें कि हीरानंदानी ग्रुप की स्थापना के पीछे दो लोगों का नाम आता है पहला निरंजन हीरानंदानी जबकि दूसरा सुरेंद्र हीरानंदानी. 1978 में हीरानंदानी ग्रुप की स्थापना की गई थी. इसका मुख्यालय कारोबारी नगरी मुंबई में स्थित है.

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महुआ माइत्रा मामले में हीरानंदानी ग्रुप का आया था नाम

हीरानंदानी ग्रुप की बात करें तो इस बिजनेस ग्रुप का नाम भारत के सबसे बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स में आता है. मुंबई के अलावा बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में हीरानंदानी ग्रुप की कई रियल स्टेट परियोजनाएं हैं. यदि आपको याद हो तो टीएमसी की पूर्व सांसद महुआ माइत्रा के ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में भी हीरानंदानी ग्रुप का नाम सामने आया था.

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने क्या लगाया था आरोप

उल्लेखनीय है कि झारखंड से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित शिकायत दी थी. इसमें उन्होंने महुआ मोइत्रा पर संसद में बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी के बदले सवाल पूछने के लिए उनसे पैसे के साथ-साथ महंगे गिफ्ट्स लेने के आरोप लगाए थे. इसके बाद एथिक्स कमिटी ने मामले की जांच की. इस जांच में यह बात सामने आई कि महुआ मोइत्रा ने अपनी संसदीय लॉगिन आईडी और पासवर्ड दर्शन हीरानंदानी के साथ शेयर किया था. विधायी कार्यों की गोपनीयता भंग करने के लिए मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने का काम किया गया था.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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