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DRDO लगायेगा 500 ऑक्सीजन प्लांट, तेजस फाइटर जेट की टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल

Updated at : 04 May 2021 11:21 PM (IST)
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DRDO लगायेगा 500 ऑक्सीजन प्लांट, तेजस फाइटर जेट की टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री केयर्स (PM CARES) की ओर से रक्षा एवं अनुसंधान परिषद (DRDO) को देश भर 500 ऑक्सीजन प्लांट (Medical Oxygen Plants - MOP) लगाने के लिए फंड दिया गया है. इससे देश में 500 ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) लगाये जायेंगे. प्लांट में तेजस फाइटर जेट की तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा. जिससे एक मिनट में 1000 लीटर तरल ऑक्सीजन का निर्माण हो पायेगा. इसकी शुरुआत दिल्ली के एम्स से की जा रही है. डीआरडीओ के अध्यक्ष सतीष धान ने इसकी जानकारी दी.

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री केयर्स (PM CARES) की ओर से रक्षा एवं अनुसंधान परिषद (DRDO) को देश भर 500 ऑक्सीजन प्लांट (Medical Oxygen Plants – MOP) लगाने के लिए फंड दिया गया है. इससे देश में 500 ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) लगाये जायेंगे. प्लांट में तेजस फाइटर जेट की तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा. जिससे एक मिनट में 1000 लीटर तरल ऑक्सीजन का निर्माण हो पायेगा. इसकी शुरुआत दिल्ली के एम्स से की जा रही है. डीआरडीओ के अध्यक्ष सतीष धान ने इसकी जानकारी दी.

धान ने कहा कि तेजस फाइटर जेट में पायलट को ऑक्सीजन देने की जो तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. उसी तकनीक के साथ सभी 500 ऑक्सीजन प्लांट को 3 महीने से भी कम समय में बना लिया जायेगा. तेजस की तकनीक से बने ऑक्सीजन प्लांट काफी तेजी से ऑक्सीजन निर्माण करने में सक्षम होंगे. दिल्ली के एम्स और आरएमएल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का काम लगभग पूरा हो गया है.

उन्होंने बताया कि दिल्ली में पांच ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा रहे हैं. हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में इस प्रकार का एक ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाए. पीएम केयर्स की ओर से मिले फंड से हमने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और ट्राइडेंट न्यूमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड से 380 प्लांट मंगवाए हैं. सीएसआईआर उद्योगों से 120 संयंत्र मंगवाए गये हैं. इसके बाद देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी

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डीआरडीओ की ओर से लगाये जाने वाले मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट तेजस फाइटर जेट में लगाये गये ऑक्सीजन प्लांट का बड़ा रूप है. इससे अस्पतालों को सीधे ऑक्सीजन की सप्लाई की जा सकेगी. साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडरों को भरा जा सकता है. इन ऑक्सीजन प्लांट में प्रेशर स्विंग एडसॉर्पशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. यह सीधे वायुमंडल से हवा खींचकर ऑक्सीजन का उत्पादन करता है.

डीआरडीओ की ओर से बताया गया कि एक बार किसी अस्पताल में यह ऑक्सीजन प्लांट लग जाए तो अस्पताल को फिर ऑक्सीजन बाहर से मंगवाने की जरूरत नहीं रहेगी. जिन अस्पतालों में सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था नहीं है वहां सिलिंडर में भरकर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है. इस तकनीक से एक दिन में 195 सिलिंडरों में ऑक्सीजन भरा जा सकता है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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