धरती पर दौड़ते दिखेंगे डायनासोर! रहस्य जान फटी रह जाएंगी आंखें

Published by : Pritish Sahay Updated At : 21 Aug 2025 10:55 PM

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Jurassic: धरती पर रहते थे बड़े-बड़े डायनासोर

Jurassic: अगर हमारी सभ्यता को एंड्रोमेडा से देखा जाए तो उसे अभी लाखों साल इंतजार करना होगा ताकि वह हमारे आज के युग को देख सके. एंड्रोमेडा से पृथ्वी को देखना एक ऐसी खिड़की खोलता है जो हमें अपने ग्रह के अतीत की झलक देता है. पूरे ब्रह्मांड में यह नियम लागू होता है.

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Jurassic: अगर कोई एंड्रोमेडा गैलेक्सी से धरती की ओर बहुत ताकतवर टेलीस्कोप से देखे तो उसे धरती पर डायनासोर दिखाई देंगे. सुनने में भले ही यह थोड़ा अटपटा लगे, क्योंकि धरती से करीब 6 करोड़ साल पहले डायनासोर विलुप्त हो चुके हैं.. तो वो एंड्रोमेडा से अब कैसे दिखाई देंगे, लेकिन यह सोलह आने सच हैं. महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के मुताबिक ब्रह्मांड में हम जो भी देखते हैं वो रौशनी की मदद से ही संभव हो पाता है. रोशनी की भी एक स्पीड होती है जो कि करीब 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड है. उदाहरण के लिए हम सूर्य को देखते हैं लेकिन जो सूर्य हमें दिखाई दे रहा है वो अभी से करीब 8 मिनट पुराना है. क्योंकि लाइट को सूरज से धरती पर आने में करीब 8 मिनट लगता है. मिल्की वे गैलेक्सी और एंड्रोमेडा गैलेक्सी के बीच की दूरी 25 लाख प्रकाश वर्ष हैं. ऐसे में जब कोई एंड्रोमेडा से धरती को देखेगा तो उसे 25 लाख लाइट इयर पुरानी धरती दिखाई देगी, जब पृथ्वी पर डायनासोर का कब्जा था.

…तो दिखने लगेंगे डायनासोर

प्रकाश की गति ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा है. जो करीब 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड है. प्रकाश को पृथ्वी से एंड्रोमेडा गैलेक्सी तक पहुंचने में 25 लाख प्रकाश वर्ष लगते हैं. इसलिए, यदि कोई एंड्रोमेडा गैलेक्सी में खड़ा होकर अभी धरती को देखेगा तो वो आज की सभ्यता, इंसान या आधुनिक शहरों को नहीं देखेगा. एंड्रोमेडा से उसे पृथ्वी पर विशाल जंगल, प्राचीन समुद्र और उस समय के जीव-जंतुओं की गतिविधियां दिखाई देगी. क्योंकि एंड्रोमेडा से वह वही प्रकाश दिखेगा तो धरती से निकलकर वहां पहुंच रही होगी जिसे पहुंचने में 25 लाख प्रकाश वर्ष लगे हैं. उस समय पृथ्वी पर डायनासोर राज कर रहे थे, तो एंड्रोमेडा में देखने पर धरती में अभी भी जुरासिक युग दिखाई देगा. यह एक तरह से समय में पीछे की यात्रा जैसा होगा. हम जो कुछ भी अंतरिक्ष में देखते हैं, वह वास्तव में अतीत का एक दृश्य है. आकाश के सैकड़ों टिमटिमाते तारे दिखाई देते हैं उनमें कई ऐसे होंगे जिनका वजूद खत्म हो गया होगा लेकिन वो अभी भी दिखाई देते हैं, क्योंकि हमें उनकी करोड़ों साल पहले की लाइट दिखाई दे रही है.

आज की दुनिया देखने के लिए करना होगा लाखों साल इंतजार

अगर हमारी सभ्यता को एंड्रोमेडा से देखा जाए तो उसे अभी लाखों साल इंतजार करना होगा ताकि वह हमारे आज के युग को देख सके. एंड्रोमेडा से पृथ्वी को देखना एक ऐसी खिड़की खोलता है जो हमें अपने ग्रह के अतीत की झलक देता है. पूरे ब्रह्मांड में यही नियम लागू होता है. ब्रह्मांड इतना विशाल है कि इसकी एक छोर से दूसरी छोर की कल्पना तक नहीं की जा सकती है. लाइट जो सबसे तेज चलती है उसे ही एक गैलेक्सी से दूसरी गैलेक्सी तक पहुंचने में करोड़ों प्रकाश वर्ष लग जाते हैं.

ऐस्टेरॉयड टकराने से तबाह हो गए थे डायनासोर

धरती से करीब 6 करोड़ साल पहले एक बहुत बड़ा ऐस्टेरॉयड टकराने से कई सारे जीव जन्तु विलुप्त हो गए थे, उन जीवों में डायनासोर भी शामिल थे. डायनासोर करीब 16 करोड़ वर्ष तक पृथ्वी के सबसे प्रमुख जीव बनकर रहे. लगभग 23 करोड़ साल पहले यह ट्राइएसिक काल के अंत से लेकर करीब 6.5 करोड़ वर्ष पहले क्रीटेशियस काल के अंत तक अस्तित्व में रहे, इसके बाद ऐस्टेरॉयड के टकराने से ये विलुप्त हो गये. इनके जीवाश्म आज भी खुदाई के दौरान देश-दुनिया में मिलते रहते हैं, जो यह साबित करते हैं कि कभी इस धरती पर बड़े-बड़े डायनासोर का एकछत्र राज रहा था. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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