210 मिनट में ढाका से कोलकाता का सफर, पद्मा नदी पर 2022 तक तैयार होगा पुल, बांग्लादेश के रेल मंत्री का दावा

Navi Mumbai: Migrants from Uttar Pradesh & Jharkhand wait at Panvel Railway Station platform to board a 'Sharmik Special' train to reach their native place, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Navi Mumbai, Thursday, May 14, 2020. (PTI Photo)(PTI14-05-2020_000154B)
Bengal Train News: अगर कोई भी यात्री ट्रेन से बांग्लादेश की राजधानी ढाका से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता आना चाहता है तो उसे सिर्फ साढ़े तीन घंटे का वक्त लगेगा. ऐसा पद्मा सेतु रेल संपर्क परियोजना के पूरा होने के बाद संभव हो जाएगा. इसके साथ ही त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से ढाका होते हुए कोलकाता जाने में केवल पांच से छह घंटे का वक्त लगेगा.
Bengal Train News: अगर कोई भी यात्री ट्रेन से बांग्लादेश की राजधानी ढाका से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता आना चाहता है तो उसे सिर्फ साढ़े तीन घंटे का वक्त लगेगा. ऐसा पद्मा सेतु रेल संपर्क परियोजना के पूरा होने के बाद संभव हो जाएगा. इसके साथ ही त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से ढाका होते हुए कोलकाता जाने में केवल पांच से छह घंटे का वक्त लगेगा.
ऐसा दावा बांग्लादेश के रेल मंत्री मोहम्मद नूरुल इस्लाम सुजन ने किया है. उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में पश्चिमांचल रेल लाइन ब्रॉड गेज है. जबकि, पूर्वांचल मीटर गेज है. अब सभी को ब्रॉडगेज में तब्दील किया जा रहा है. इससे भारत के साथ रेल कनेक्टिविटी काफी हद तक बढ़ जाएगी. पद्मा नदी पर बन रहे रेलवे ब्रिज के बारे में मंत्री का कहना है कि पहले भारत-बांग्लादेश के बीच रेल का सफर 400 किलोमीटर लंबा था. इसमें से 280 किलोमीटर बांग्लादेश और भारत में 129 किलोमीटर की लाइन पड़ती थी. पद्मा रेल ब्रिज बन जाने के बाद ट्रेन के पैसेंजर्स को ढाका कैंट स्टेशन से जैसोर होते हुए महज 251 किलोमीटर का सफर ही तय करना पड़ेगा.
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बांग्लादेश के रेल मंत्री के मुताबिक पद्मा रेल पुल के शुरू होने के बाद उनके देश की सीमा में 172 किलोमीटर और उसके बाद बेनापोल से कोलकाता तक महज 79 किलोमीटर का सफर करना होगा. इसमें तीन से साढ़े तीन घंटे का वक्त लगेगा. त्रिपुरा से सटी बांग्लादेश सीमा पर 11 किलोमीटर डबल गेज रेल लाइन का निर्माण जारी है. इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक समेत अन्य संस्थाओं ने लोन भी दिया है. उनके मुताबिक टेंगी से आगाउड़ा तक 97 किलोमीटर मीटर गेज लाइन है. इसे डबल गेज में बदलने के बाद त्रिपुरा के अगरतला स्टेशन तक की दूरी 136 किलोमीटर और ढाका-कोलकाता तक 251 किलोमीटर का सफर पांच से छह घंटे में पूरा होगा.
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अगर भारत-बांग्लादेश के बीच रेल कनेक्टिविटी की बात करें तो दोनों देशों में रेलवे क्रॉस बॉर्डर हैं. इन सभी को चालू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. बांग्लादेश भारत के अलावा पड़ोसी म्यांमार, थाईलैंड और मलेशिया तक रेलवे ट्रैक को पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है. वहीं, बांग्लादेश में पद्मा रेलवे ब्रिज के निर्माण के लिए 31 हजार करोड़ रुपए में कराया जा रहा है. ढाका से यशोर के बीच पद्मा नदी के ऊपर 40 हजार करोड़ से पुल बनाया जाएगा. मेन पद्मा रेल सेतु पर काम पूरा हो चुका है. इसे 26 मार्च 2022 से शुरू कर दिया जाएगा. दूसरे रेलवे ब्रिज का काम देर से शुरू होने की वजह से उसके 2024 तक पूरा होने की संभावना है.
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