Delhi Violence: भीड़ टूट पड़ी थी पुलिस पर, ऐसे खुद को बचाने के लिए भागे तीन पुलिसकर्मी

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 13 Mar 2020 8:15 AM

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CAA, Anti CAA Protest, delhi violence: दिल्ली हिंसा के दौरान पुलिस का बुरा हाल था. पुलिसकर्मियों को भी भगकर अपनी जान बचानी पड़ी.

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर 24 से 26 फरवरी के बीच चार थानों में कम से कम 14 केस दर्ज किये गये हैं. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस संबंध में आज एक खबर प्रकाशित की है जिसमें कुछ बयान का भी जिक्र किया गया है. अखबार के अनुसार जब केस दर्ज किये गये थे, उस वक्त एक शख्‍स को छोड़कर किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई थी. इन केसों में से एक केस में दर्ज बयान का जिक्र अखबार ने किया है.

आप भी पढ़ें वो बयान- हम खुद को बचाने के लिए मौके से भाग खड़े हुए. हमने खुद को सबकी नजरों से बचाया और शटर गिरा दिया. हम फोन करने वाले शख्‍स का पता नहीं लगा सके…कोई भी स्वतंत्र गवाह मौके पर नहीं पाया गया. हम तीन लोगों ने भीड़ का नियंत्रित करने का प्रयास किया लेकिन हम सफल नहीं हो सके. भीड़ ने हमें पीछे धकेल दिया. अखबार ने बताया कि यह दिल्ली पुलिस का बयान है जो एफआइआर रिकार्ड में दर्ज है.

दिल्ली हिंसा मामले में पीएफआई के दो शीर्ष सदस्य गिरफ्तार : पुलिस

दिल्ली पुलिस ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन और उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में कथित संलिप्तता के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दो शीर्ष सदस्यों को गुरुवार को गिरफ्तार किया. इन हमलों में 50 से ज्यादा लोग मारे गये हैं. अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान पीएफआई के अध्यक्ष परवेज और सचिव इलियास के रूप में हुई है. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने इन दोनों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने त्रिलोकपुरी निवासी पीएफआई सदस्य 33 वर्षीय मोहम्मद दानिश को उत्तरी पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक दंगे की कथित साजिश करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया था. सूत्रों ने बताया कि उसके पास से बरामद कुछ दस्तावेजों से पुष्टि हुई है कि पीएफआई ने प्रदर्शनकारियों को साजो-सामान और वित्तीय सहायता मुहैया करायी थी. पुलिस को इन्हीं दस्तावेजों के जरिये दंगों में परवेज और इलियास की भूमिका का पता चला.

मकान में आग लगा कर बुजुर्ग महिला की हत्या करने को लेकर दो भाई गिरफ्तार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में पिछले महीने हुई हिंसा के दौरान 85 वर्षीय एक महिला के मकान को आग के हवाले कर कथित तौर पर उसकी हत्या करने को लेकर दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों, अरूण (26) और वरूण (22) को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 11 मार्च को गिरफ्तार किया. उनकी पहचान वीडियो क्लिपिंग और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर की गयी. पुलिस ने बताया कि 25 फरवरी को भीड़ द्वारा महिला के मकान को आग के हवाले कर दिये जाने पर वह उसके अंदर फंस गयी.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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