Delhi Violence: भीड़ टूट पड़ी थी पुलिस पर, ऐसे खुद को बचाने के लिए भागे तीन पुलिसकर्मी

CAA, Anti CAA Protest, delhi violence: दिल्ली हिंसा के दौरान पुलिस का बुरा हाल था. पुलिसकर्मियों को भी भगकर अपनी जान बचानी पड़ी.
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर 24 से 26 फरवरी के बीच चार थानों में कम से कम 14 केस दर्ज किये गये हैं. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस संबंध में आज एक खबर प्रकाशित की है जिसमें कुछ बयान का भी जिक्र किया गया है. अखबार के अनुसार जब केस दर्ज किये गये थे, उस वक्त एक शख्स को छोड़कर किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई थी. इन केसों में से एक केस में दर्ज बयान का जिक्र अखबार ने किया है.
आप भी पढ़ें वो बयान- हम खुद को बचाने के लिए मौके से भाग खड़े हुए. हमने खुद को सबकी नजरों से बचाया और शटर गिरा दिया. हम फोन करने वाले शख्स का पता नहीं लगा सके…कोई भी स्वतंत्र गवाह मौके पर नहीं पाया गया. हम तीन लोगों ने भीड़ का नियंत्रित करने का प्रयास किया लेकिन हम सफल नहीं हो सके. भीड़ ने हमें पीछे धकेल दिया. अखबार ने बताया कि यह दिल्ली पुलिस का बयान है जो एफआइआर रिकार्ड में दर्ज है.
दिल्ली पुलिस ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन और उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में कथित संलिप्तता के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दो शीर्ष सदस्यों को गुरुवार को गिरफ्तार किया. इन हमलों में 50 से ज्यादा लोग मारे गये हैं. अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान पीएफआई के अध्यक्ष परवेज और सचिव इलियास के रूप में हुई है. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने इन दोनों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने त्रिलोकपुरी निवासी पीएफआई सदस्य 33 वर्षीय मोहम्मद दानिश को उत्तरी पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक दंगे की कथित साजिश करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया था. सूत्रों ने बताया कि उसके पास से बरामद कुछ दस्तावेजों से पुष्टि हुई है कि पीएफआई ने प्रदर्शनकारियों को साजो-सामान और वित्तीय सहायता मुहैया करायी थी. पुलिस को इन्हीं दस्तावेजों के जरिये दंगों में परवेज और इलियास की भूमिका का पता चला.
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में पिछले महीने हुई हिंसा के दौरान 85 वर्षीय एक महिला के मकान को आग के हवाले कर कथित तौर पर उसकी हत्या करने को लेकर दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों, अरूण (26) और वरूण (22) को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 11 मार्च को गिरफ्तार किया. उनकी पहचान वीडियो क्लिपिंग और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर की गयी. पुलिस ने बताया कि 25 फरवरी को भीड़ द्वारा महिला के मकान को आग के हवाले कर दिये जाने पर वह उसके अंदर फंस गयी.
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By Amitabh Kumar
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