IB अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस: पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 5 दोषी करार, कोर्ट ने 6 को किया बरी

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आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, फोटो एक्स

आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, फोटो एक्स

IB Official Ankit Sharma Murder Case: IB अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को हत्या का दोषी ठहराया. जबकि 6 आरोपियों को बरी कर दिया.

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IB Official Ankit Sharma Murder Case: कोर्ट ने ताहिर हुसैन को वैमनस्य फैलाने, दंगा करने, मारपीट, आपराधिक बल प्रयोग और हत्या के आरोपों में दोषी पाया. जबकि उन पर आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी) का आरोप हटा दिया.

कोर्ट ने इन आरोपियों को ठहराया दोषी

अंकित शर्मा मर्डर केस में कोर्ट ने नाजिम, काशिम, अनस, जावेद और ताहिर हुसैन को हत्या, अपहरण, दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने का दोषी ठहराया है. आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के तहत आरोप लगाए गए जो दंगा करने, घातक हथियारों के साथ दंगा करने, समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने, हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं.

पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

यह मामला अंकित कुमार के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है. अपनी शिकायत में रवींद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य लोगों ने की थी. शिकायत में कहा गया है कि ये लोग कथित तौर पर हुसैन के दफ्तर में जमा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को ठिकाने लगा दिया था.


ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी ने कर दिया था निलंबित

हत्या मामले में नाम सामने आने के बाद ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी ने निलंबित कर दिया था. दिल्ली की एक अदालत ने 24 मार्च 2023 को ताहिर हुसैन और 10 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए.

2020 दंगों के दौरान हुई थी अंकित शर्मा की हत्या

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की बेहद बर्बरता से हत्या कर दी गई थी. अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को कार्यालय से घर लौटे थे और उसके बाद बाहर निकले थे. जब अंकित काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तब परिवार वालों ने उन्हें खोजना शुरू किया. तभी स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई है और उसका शव चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है. बाद में अंकित शर्मा का शव नाले से बरामद किया गया. यह घटना फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के समय हुई थी. दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे.


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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