Delhi-NCR AQI : दिल्ली–NCR में सांस लेना मुश्किल, यहां देखें 3 नवंबर का AQI रिपोर्ट
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 03 Nov 2025 8:09 AM
दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण (Photo: PTI)
Delhi-NCR AQI : दिल्ली गैस चेंबर बनने की ओर बढ़ रही है. आंकड़ों से पता चला कि कुल 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से अधिकांश का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है.
Delhi-NCR AQI : दिल्ली की हवा सोमवार को भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रिकॉर्ड की गई. कमजोर हवाओं के कारण प्रदूषण के कण हवा में फंसे रहे. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सेमीर ऐप के मुताबिक, सुबह 6:05 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. यह सांस से संबंधी रोगी के लिए खतनाक साबित हो सकता है. रविवार को भी दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही. शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 366 दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, तीन मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है.
Delhi AQI Today : आज दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक कितना?
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से ज्यादातर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. इनमें आनंद विहार (371), बवाना (371), बुराड़ी क्रॉसिंग (384), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (331), मुंडका (343), नरेला (386), रोहिणी (363) और वजीरपुर (389) शामिल हैं. वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कई शहरों जैसे नोएडा (311), गाजियाबाद (334) और गुरुग्राम (304) में भी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही.
AQI कितना होना चाहिए?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 0 से 50 तक ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 तक ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.
AQI में वृद्धि का क्या कारण है? (What is causing the AQI spike?)
दिल्ली के लिए एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के अनुसार, रविवार शाम और रात में उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवा की रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति घंटे से कम हो गई. धीमी हवाओं के कारण हवा में मौजूद प्रदूषक फैल नहीं पाए, जिससे वायु गुणवत्ता और खराब हो गई.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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