Delhi Govt: दिल्ली की अवैध कॉलोनी होगी नियमित, लाखों परिवारों को मिलेगी राहत

Updated at : 07 Apr 2026 6:23 PM (IST)
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Delhi Govt: दिल्ली की अवैध कॉलोनी होगी नियमित, लाखों परिवारों को मिलेगी राहत

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली की अवैध कॉलाेनियों को नियमित करने का काम शुरू कर दिया गया है. अवैध कॉलोनियों के नागरिकों को अपनी संपत्ति का पंजीकरण कराने के लिए आगे आना चाहिए. इस फैसले से अवैध कॉलोनी में रहने वाले लोगों को अपने घरों का कानूनी तौर पर मालिकाना हक मिलेगा और वे नगर निगम के नियम के तहत अपने घरों का विकास कर सकेंगे.

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Delhi Govt: दिल्ली में अनाधिकृत कॉलोनी काे नियमित करने का मुद्दा काफी पुराना है. लंबे समय से इसकी मांग हो रही है और अब यह मांग पूरी होती दिख रही है. वर्ष 2019 में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीएम उदय योजना लायी गयी है. लेकिन पूर्ववर्ती आम आदमी की सरकार के साथ विवाद के कारण इस योजना पर काम आगे नहीं बढ़ पाया. लेकिन दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद योजना को जमीन पर उतारने का काम शुरू हो गया है. मंगलवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली की अवैध कॉलाेनियों को नियमित करने का काम शुरू कर दिया गया है. अवैध कॉलोनियों के नागरिकों को अपनी संपत्ति का पंजीकरण कराने के लिए आगे आना चाहिए.  इस फैसले से अवैध कॉलोनी में रहने वाले लोगों को अपने घरों का कानूनी तौर पर मालिकाना हक मिलेगा और वे नगर निगम के नियम के तहत अपने घरों का विकास कर सकेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण दिल्ली का योजनाबद्ध और समग्र शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हो रहा है. इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली के लोगों के पुरानी मांग को पूरा करने का काम किया. दिल्ली के कई परिवार को अपना घर होने के बावजूद कानूनी अधिकार से वंचित थे.  पीएम उदय योजना के कारण दिल्ली की कुल 1731 अवैध कॉलोनी में से 1511 नियमित कॉलोनी करने का रास्ता साफ हुआ है. इससे दिल्ली के 45 लाख लोगों को फायदा होगा. कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत संधू भी मौजूद रहे. 


लाखों परिवारों को होगा फायदा

इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी. नियमित करने के लिए समयसीमा तय की गयी है. आवेदन करने के बाद 7 दिन में जीआईएस सर्वे, 15 दिन में आवेदन की खामी दूर करने और 45 दिन में डीड जारी कर दिया जायेगा. इसका मकसद लोगों को तय समय में संपत्ति का अधिकार देना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया की 22 बड़ी बाधाओं को दूर करने का काम किया ताकि लाखों परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके.  किया ताकि लाखों परिवारों को उनका हक बिना अटके, लटके, भटके मिल सके.

इन इलाकों में 20 वर्ग मीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी. इसके लिए 6 मीटर चौड़ी सड़क होनी चाहिए और इससे छोटे दुकानों के लिए सड़क की चौड़ाई को कम किया गया है. प्रधानमंत्री के सोच के अनुरूप दिल्ली के भविष्य को भी मजबूत किया जा रहा है और इसके लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है. इस नीति के तहत मेट्रो और रैपिड रेल कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में लगभग 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्लांड, हाई-डेंसिटी और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा. 

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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