पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन, 6 घंटे की दूरी अब सिर्फ 2.5 घंटे में

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Narendra Modi and Pushkar Singh Dhami

नरेंद्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी, फोटो पीटीआई

Delhi Dehradun Economic Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया. इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच का सफर ढाई घंटे रह जाएगा.

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Delhi Dehradun Economic Corridor: कॉरिडोर का उद्घाटन करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं आप सभी से माफी चाहता हूं कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा की देर हो गई. मैं समय पर ही निकला था. लेकिन काली मंदिर से लेकर यहां तक का रोड शो लगभग 12 किलोमीटर लंबा था. लोगों में इतना ज्यादा उत्साह और जोश था कि मेरे लिए तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया. इसलिए, मैं धीरे-धीरे लोगों का बता करता हुआ, लोगों का आशीर्वाद लेता हुआ आगे बढ़ा. मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा की देर हो गई, और इसके लिए मैं माफी चाहता हूं.. मैं आज उत्तराखंड से एक नई ऊर्जा लेकर विदा होऊंगा. मैं एक नई प्रेरणा लेकर जाऊंगा, और इसके लिए मैं आप सभी का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियत

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनाने में करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत लगी. छह लेन वाले एक्सप्रेसवे की लंबाई 213 किलोमीटर है. इस कॉरिडोर से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर लगभग 2.5 घंटे रह जाएगा. एक्सप्रेसवे में 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण भी किया गया है.
इस गलियारे को कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष में अत्यधिक कमी लाना है.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया गया है. जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है.
कॉरिडोर में आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है.
कॉरिडोर को कई खासियतों के साथ डिजाइन किया गया है, जिनका मकसद इंसान-जानवरों के टकराव को काफी कम करना है.

पीएम मोदी ने बैसाखी, बोहाग बिहू और पुथांडु की शुभकामनाएं दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज देश में त्योहारों और उत्सवों को लेकर एक उत्साह है. देश के अलग-अलग हिस्सों में नए साल का आगमन हुआ है. मैं बैसाखी, बोहाग बिहू और पुथांडु के अवसर पर देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं. अगले कुछ दिनों में, यमुनोत्री, गंगोत्री, बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की तीर्थयात्रा भी शुरू होने वाली है. देश के श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ इस पवित्र समय का बेसब्री से इंतजार करते हैं.

पूरे देश में लागू होना चाहिए UCC

PM नरेंद्र मोदी ने कहा, पूरे देश में एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू होनी चाहिए, यह हमारे संविधान की अपेक्षा है. उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़ाकर और इसे बढ़ावा देकर पूरे देश को एक राह दिखाई है. बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों के लिए एक न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समर्पित था. आज हमारी सरकार भी उसी भावना के साथ, हर गरीब और वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय दिलाने में जुटी हुई है. और सामाजिक न्याय का एक प्रमुख माध्यम है देश का संतुलित विकास.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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