...तो दिल्ली में बाबर रोड का क्या काम? हिंदू सेना ने 'अयोध्या मार्ग' के स्टिकर लगाए

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 20 Jan 2024 1:01 PM

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दक्षिणपंथी संगठन ‘हिंदू सेना’ ने शनिवार को मध्य दिल्ली के बाबर रोड साइनबोर्ड से छेड़छाड़ किया और इसका नाम बदलने की मांग की. यह मांग कई सालों से हिंदू संगठन कर रहा है. देखें ये वीडियो

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अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला के प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी जोरों पर चल रही है. इस बीच एक खबर राजधानी दिल्ली से सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार, हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने मध्य दिल्ली के बाबर रोड पर ‘अयोध्या मार्ग’ के स्टिकर लगाकर साइनबोर्ड से छेड़छाड़ किया है. संगठन की ओर से इसका नाम बदलने की मांग की गई है. मामले के प्रकाश में आने के बाद नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) हरकत में आई और पोस्टर हटवाया. इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी है. इस बीच ‘हिंदू सेना’ के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कहा कि संगठन लंबे समय से बाबर रोड का नाम बदलने की मांग कर रहा है.

सोशल मीडिया पर वीडियो आया सामने

समाचार एजेंसी एएनआई ने सोशल मीडिया एक्स पर इसको लेकर जानकारी शेयर की है. जो तस्वीर सामने आई है उसमें नजर आ रहा है कि भगवा रंग के स्टिकर में अंग्रेजी और हिंदी दोनों में ‘अयोध्या मार्ग’ लिखा हुआ है. हालांकि, बाद में स्टिकर हटा दिए गए. स्टिकर हटाए जाने का वीडियो भी न्यूज एजेंसी ने शेयर किया है. हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर किया है और कहा कि संगठन लंबे समय से मांग कर रहा है कि बाबर रोड का नाम बदला जाना चाहिए.

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दिल्ली में बाबर रोड का क्या काम?

गुप्ता ने एएनआई से कहा कि हिंदू सेना लंबे समय से मांग कर रही थी कि बाबर रोड का नाम बदलकर हमारे किसी महापुरुष के नाम पर रखने का काम किया जाना चाहिए. हमारी ओर से कई बार गृह मंत्रालय और एनडीएमसी को पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जब बाबर की मस्जिद है सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अयोध्या में नहीं, तो दिल्ली में बाबर रोड का क्या काम?

रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर

हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता कहा कि जब हम इस सड़क को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि हम आज भी बाबर के जमाने में जी रहे हैं, इसीलिए हमने इसे बदलकर अयोध्या मार्ग कर दिया. गौर हो कि इससे पहले 2022 में दक्षिणपंथी संगठन ने बाबर रोड का नाम बदलने की मांग की थी. आपको बता दें कि 22 जनवरी को जन्मभूमि मंदिर में रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही है. दुनिया का सबसे बड़ा 400 किलोग्राम का ताला और 1,265 किलोग्राम के लड्डू प्रसाद समेत कई उपहार रामलला को प्रसाद के रूप में शनिवार को अयोध्या पहुंच चुके हैं.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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