Dalai Lama Bithday: दलाई लामा का जन्मदिन आज, भारी तनाव में चीन
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 Jul 2020 8:45 AM
Dalai Lama
भारत और चीन के बीच सीमा (India China face of) विवाद को लेकर चल रहे तनाव भरे माहौल में आज 14वें बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा (Dalai Lama 85 birthday) अपना 85वां जन्मदिन मनायेंगे. ऐसा पहली बार होगा जब मैक्लोडगंज में बिना किसी भव्य समारोह के उनका जन्मदिन मनाया जाएगा. इस मौके पर भारत समेत दुनिया भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनसे चीन बेचैन जरूर होगा. क्योंकि दलाई लामा हर मंच पर चीन से तिब्बत की आजादी मांग करते आये हैं.
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर चल रहे तनाव भरे माहौल में आज 14वें बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा अपना 85वां जन्मदिन मनायेंगे. ऐसा पहली बार होगा जब मैक्लोडगंज में बिना किसी भव्य समारोह के उनका जन्मदिन मनाया जाएगा. इस मौके पर भारत समेत दुनिया भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनसे चीन बेचैन जरूर होगा. क्योंकि दलाई लामा हर मंच पर चीन से तिब्बत की आजादी मांग करते आये हैं.
चीन को डर है कि ऐसे माहौल में जब कोरोना संकट को लेकर चीन के खिलाफ दुनिया के सभी देश एकजुट हो रहे हैं , दलाई लामा फिर से तिब्बत की आजादी को लेकर चीन के खिलाफ कोई नयी बात ना कह दें. बता दे की चार जुलाई को आयोजित धर्म चक्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन का नाम लिये बगैर उस पर निशाना साधते हुए कहा था कि हम बुद्ध के विचारों से चुनौती से निपटेंगे. दुनिया के सामने असाधारण चुनौतियां हैं, इन चुनौतियों का हल भगवान बुद्ध के आदर्शों से निकल सकता है.
Also Read: सरकार ने प्रतिबंधित संगठन SFJ से जुड़ी 40 वेबसाइट ब्लॉक की
इस बार अपने जन्मदिन पर दलाई लामा ने अपने साइंस गुरु अमेरिकी भौतिक विज्ञानी डेविड बोह्मा को लेकर एक खास ऑनलाइन स्क्रीनिंग रखी है. उन्होंने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी थी. आज भी उन्होने ट्वीट कर एक वीडियो संदेश को साझा किया है और बताया है कि उनका जन्मदिन तिब्बत के लोग किस प्रकार मनायें.
शांतिदूत और मानवता का संदेश देने के लिए दलाई लामा की वैश्विक पहचान है. पर तिब्बत की आजादी के लिए चीन के खिलाफ आवाज उठाने के कारण चीन उन्हें आतंकी करार दिया है. दलाई लामा खुद को भारत बेटा मानते हैं क्योंकि तिब्बत पर चीन के कब्जा करने के बाद भारत ने अप्रैल, 1959 में दलाई लामा को तब शरण दी थी. जब वह 23 साल के थे.
बता दें कि भारत और दुनिया भर में रहने वाले धर्मगुरु के अनुयायी अपने घरों पर ही पूजा-पाठ करके धर्मगुरु दलाईलामा का जन्मदिन मनाएंगे. दलाईलामा के निजी सचिव सेटन सामदुप ने बताया कि धर्मगुरु के जन्मदिन पर कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा.
His Holiness the Dalai Lama's 85th Birthday Message https://t.co/mux2XI0h3x
— Dalai Lama (@DalaiLama) July 6, 2020
दलाईलामा किसान के बेटे हैं हैं. 1933 में 13वें दलाई लामा की मौत के बाद उनकी खोज तेंजिन ग्यात्सो के रूप में तिब्बत के आम्दो प्रांत में दो साल की उम्र में हुई थी. तिब्बत में दलाईलामा सर्वोच्च गुरु और राजनेता होता है. उनका चुनाव वंश परंपरा या वोट से नहीं, बल्कि पुनर्जन्म के आधार पर तय होता है.
Posted By: Pawan Singh
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










