जेएन-1 सब-वैरिएंट से किन लोगों को खतरा? पिछले 24 घंटे में कोरोना से चार की मौत
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Dec 2023 9:16 AM
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Coronavirus Updates : देश में भले ही संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ रही है और देश में जेएन.1 सब-वैरिएंट का पता चला है, लेकिन तत्काल चिंता का कोई कारण नहीं है क्योंकि संक्रमित लोगों में से 92 प्रतिशत लोग घर पर उपचार से ही ठीक हो रहे हैं.
कोरोना के नये वैरिएंट ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है. भारत की बात करें तो यहां अब तक कोविड-19 सबवैरिएंट JN.1 के कुल 22 मामले सामने आए हैं. इस वजह से स्वास्थ्य विभागों ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं. पिछले 24 घंटे में कोरोना से चार लोगों की मौत हे गई है. केंद्र की मोदी सरकार भी अलर्ट मोड पर है और राज्यों से सावधानी बरतने को कह रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राज्यों को अलर्ट मोड पर रहने की सलाह दी गई है. हालांकि, JN.1 सबवैरिएंट के सभी मामलों में हल्के लक्षण देखने को मिले हैं. कई राज्यों में मामलों में अचानक वृद्धि को देखते हुए, केंद्र ने शुक्रवार को राज्यों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सभी कोविड पॉजेटिव टेस्ट स्वैब के नमूने भेजने का निर्देश दिया है.
क्या है जीनोम सिक्वेंसिंग
जीनोम सीक्वेंसिंग की बात करें तो यह एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा होता है. कोई वायरस कैसा है और वह किस तरह का दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिल जाती है. इसी वायरस के विशाल समूह को जीनोम की संज्ञा दी गई है. वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सीक्वेंसिंग कहते हैं.
कोरोना से चार की मौत
भारत में बीते 24 घंटे में 752 नए कोविड केस सामने आए हैं जबकि कोरोना के संक्रमण से 4 मरीजों की मौत हुई है. देश में कोरोना संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 3,420 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह आठ बजे जो आंकड़े जारी किये गये उसके अनुसार, देश में अब तक सामने आए कोविड-19 के मामलों की कुल संख्या 4.50 करोड़ (4,50,07,964) है. देश में बीते 24 घंटे में संक्रमण से चार लोगों की मौत होने के कारण इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,33,332 हो गई है. मंत्रालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो, बीते 24 घंटे में केरल में दो तथा राजस्थान और कर्नाटक में कोविड-19 से एक-एक मरीज की मौत हुई है.
किन्हें है ज्यादा खतरा
यूके की हेल्थ सेक्यूरिटी एजेंसी और Office for National Statistics ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों में कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है. जो रिपोर्ट सामने आई है उसमें कहा गया है कि ठंड के मौसम की वजह से कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है. यही नहीं छोटे दिन और सर्दी के मौसम में बढ़ते मेलजोल की वजह भी इसके प्रसार का एक कारक हो सकता है.
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इन राज्यों में ज्यादा कोरोना के केस
देश के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गोवा, पुडुचेरी, गुजरात, तेलंगाना, पंजाब और दिल्ली ऐसे राज्य हैं जहां कोविड मामलों में थोड़ी अधिक वृद्धि देखी गई है. बढ़ते मामलों के बीच, कई राज्य एहतियात के तौर पर इंडिविजुअल सर्विलांस गाइडलाइन लेकर आ रहे हैं. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के मुताबिक, सूबे में कोविड नमूनों की जांच की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है, हालांकि स्थिति नियंत्रण में है. चिंता करने की कोई बात नहीं है. वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा है कि फिलहाल कोरोना के संक्रमण से घबराने की जरूरत नहीं है, हालांकि उन्होंने लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनकर जानें जैसे कदम उठाने का आग्रह किया है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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