Coronavirus : कितना खतरनाक है इस बार का कोरोना? JN.1 वैरिएंट कारण, होने लगी मौतें

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 22 May 2025 9:51 AM

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COVID cases in India (File Photo)

Coronavirus : सिंगापुर, हॉन्ग कॉन्ग और भारत में कोरोना के मामले फिर बढ़ते नजर आ रहे हैं. देश में संक्रमितों की संख्या 250 पार कर गई है. इस बार JN.1 वैरिएंट को कोरोना के प्रसार के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है. जानिए यह वैरिएंट कितना खतरनाक है.

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Coronavirus : कोरोना वायरस का खतरा फिर बढ़ने लगा है जिसने लोगों को टेंशन में डाल दिया है. सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग के बाद अब भारत में भी संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है. इसके लिए ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट JN.1 जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसने एशिया के कई देशों में संक्रमण दर को तेजी से बढ़ा दिया है. सिंगापुर में अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ती नजर आ रही  है, जबकि हॉन्ग कॉन्ग में इस वैरिएंट से मौतें भी हुई हैं. इसी कारण दुनियाभर के वैज्ञानिक JN.1 वैरिएंट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. भारत में अब तक 257 एक्टिव केस मिले हैं और संक्रमण से दो मौतें हो चुकी हैं.

कोरोना केस के लिए JN.1 वैरिएंट जिम्मेदार

इस बार कोरोना के केसों में वृद्धि के पीछे JN.1 वैरिएंट को जिम्मेदार माना जा रहा है. यहओमिक्रॉन का एक नया सब-वैरिएंट है जिसके लक्षण पहले के वैरिएंट्स जैसे ही हैं. लेकिन इसका सबसे आम लक्षण डायरिया है, जो अधिकतर मरीजों में नजर आ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैरिएंट तेजी से फैलता है, इसलिए अलर्ट रहने की जरूरत है.

JN.1 कोरोना वायरस क्या है जानें यहां

JN.1 कोरोना वायरस का नया रूप है, जो ओमिक्रॉन के BA.2.86 वैरिएंट से डेवलप हुआ है. इसकी पहचान पहली बार अगस्त 2023 में की गई. Johns Hopkins के विशेषज्ञों के अनुसार, JN.1 में लगभग 30 नए म्यूटेशन हैं, जो इसे शरीर की इम्यून सिस्टम से बचने में सक्षम बनाते हैं. इम्यून सिस्टम को ये लड़ने से रोकते हैं. इसके स्पाइक प्रोटीन में हुआ बदलाव वायरस को पहचान से छिपने और तेजी से फैलने में मदद करता है.

JN.1 वैरिएंट के लक्षण के बारे में जानें

अधिकांश JN.1 संक्रमितों में ऊपरी श्वसन तंत्र से जुड़े हल्के लक्षण देखे गए हैं. इनमें बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में कमजोरी और मामूली गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल  संबंधी समस्याएं शामिल हैं. कुछ मरीजों में भूख न लगना और लगातार मतली की शिकायत भी देखी गई है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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