70 लाख मौतों के बाद कोरोना के अंत की शुरुआत! WHO ने किया बड़ा ऐलान, कहा- अब 'महामारी' नहीं Covid 19

Published by : Pritish Sahay Updated At : 05 May 2023 8:04 PM

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Mumbai: A health worker collects a swab sample for COVID-19 test, in Mumbai, Wednesday, April 7, 2021. (PTI Photo/Kunal Patil)(PTI04_07_2021_000136A)

No More Coronavirus: कोरोना के खिलाफ एक अच्छी खबर है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 महामारी का दर्जा घटाते हुए कहा कि यह अब वैश्विक आपात स्थिति नहीं. WHO ने कोरोना के खत्म होने की घोषणा की है.

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No More Coronavirus: कोरोना के खिलाफ एक अच्छी खबर है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 महामारी का दर्जा घटाते हुए कहा कि यह अब वैश्विक आपात स्थिति नहीं. WHO ने कोरोना के खत्म होने की घोषणा की है. WHO ने कहा है कि कोरोना वायरस अब ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी नहीं है. गौरतलब है कि चीन की वुहान लैब से निकला कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में साल 2019 से लेकर 2023 तक जमकर तबाही मचाई है.

कई देशों में लग गया था लॉकडाउन: Who ने कहा है कि कोविड-19 (Covid 19) अब वैश्विक इमरजेंसी के लायक नहीं हैं. WHO की बात इस बात को दर्शा रही है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के अंत की यह शुरूआत है. गौरतलब है कि इस इस महामारी के कारण एक समय में दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन लग गया था. दुनिया की अर्थव्वस्था ठप सी हो गई थी. इस बीमारी से एक आंकड़े के मुताबिक कम से कम 70 लाख लोगों की मौत हो गई है.

आपातकाल का अंत, लेकिन महामारी का अंत नहीं: डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अद्यनोम घेब्रेयेसस ने कहा, बहुत उम्मीद के साथ मैं घोषणा कर रहा हूं कि कोविड-19 वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल का दौर पार कर चुका है. इसका यह मतलब नहीं है कि कोविड-19 वैश्विक स्वास्थ्य खतरे के तौर पर खत्म हो गया है. डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया में संक्रमण के मामलों में आई हालिया तेजी को लेकर कहा कि भले ही आपातकालीन दौर खत्म हो गया हो, महामारी का अंत नहीं हुआ है. संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि हर हफ्ते दुनिया भर में हजारों लोग अब भी संक्रमण से जान गंवा रहे हैं.

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गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने पहली बार 30 जनवरी, 2020 को कोरोना वायरस को एक अंतरराष्ट्रीय आपदा घोषित किया था. इससे पहले इसे कोविड-19 नाम नहीं दिया गया था और चीन के बाहर इसका व्यापक प्रकोप भी नहीं था. तीन साल से अधिक समय के बाद, वायरस के कारण विश्व स्तर पर संक्रमण के अनुमानत: 76.4 करोड़ मामले सामने आए और लगभग पांच अरब लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक मिली है.

भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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