जेल में कोरोना से लड़ने की कुछ इस तरह हो रही है तैयारी

Author : Agency Published by : Prabhat Khabar Updated At : 25 Jul 2020 7:40 PM

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कोरोना वायरस महामारी के कारण योग प्रशिक्षकों के तिहाड़ जेल नहीं जा पाने के कारण बैरक के भीतर वे कैदी अन्य को प्रशिक्षित कर रहे हैं जिन्हें योग की जानकारी है . तिहाड़ की विभिन्न जेलों में 16,000 से अधिक कैदी हैं.

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नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के कारण योग प्रशिक्षकों के तिहाड़ जेल नहीं जा पाने के कारण बैरक के भीतर वे कैदी अन्य को प्रशिक्षित कर रहे हैं जिन्हें योग की जानकारी है . तिहाड़ की विभिन्न जेलों में 16,000 से अधिक कैदी हैं.

तिहाड़ ने कैदियों को प्रशिक्षित करने के लिए जनवरी 2019 में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के साथ मिलकर ‘‘प्रोजेक्ट संजीवन” शुरू किया था. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘एमडीएनआईवाई की मदद से पिछले वर्ष योग प्रशिक्षण के दो सत्र आयोजित किये गये थे.

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पहला सत्र मार्च-जून में हुआ जिसमें लगभग 1,000 कैदियों को प्रशिक्षित किया गया जिसमें 46 प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित थे.” उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा सत्र सितम्बर 2019 से जनवरी 2020 तक चला. इसमें एक हजार और कैदियों को प्रशिक्षित किया गया जिसमें 31 प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित थे.”

योग कक्षाएं हर सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक आयोजित हुईं और दोनों योग सत्रों में एमडीएनआईवाई से लगभग 15 प्रशिक्षक आये. महानिदेशक (जेल) संदीप गोयल ने कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति के कारण, हम इस वर्ष कार्यक्रम शुरू नहीं कर सके. स्थिति सामान्य होने के बाद हम इसे एक बार फिर शुरू करेंगे. इस बार हम संख्या भी बढ़ाना चाहेंगे.” उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों को आने की अनुमति नहीं है और प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित हुए 77 कैदियों, उन्हें जमानत या पैरोल पर रिहा किया गया है…… जो कैदी योग जानते हैं वे बैरक के भीतर अन्य को योग सिखा रहे है.

गोयल ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि कैदियों को कुछ कौशल प्रदान किया जाए ताकि वे रिहा होने के बाद एक नया जीवन शुरू कर सकें. हम नहीं चाहते कि कोई भी कैदी रिहा होने के बाद फिर से वापस आए.” उन्होंने कहा, ‘‘योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बनाये रखने में मदद करता है. इसका उपयोग एक कौशल के रूप में किया जा सकता है और जो प्रमाण पत्र प्राप्त करते हैं.

वे इसे कैरियर के रूप में चुन सकते हैं और योग शिक्षक के रूप में काम कर जीवन यापन कर सकते हैं.” अधिकारियों ने बताया कि गत 23 जुलाई तक 59 कैदी कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये है जिनमें से 51 ठीक हो गये है और दो की मौत हुई है. एक को रिहा किया गया है और वह घर पर पृथक है. अभी पांच का इलाज चल रहा है. वहीं दूसरी ओर जेल के 120 कर्मचारी संक्रमित पाये गये जिनमें से 91 स्वस्थ हो गये है

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