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PM पर कांग्रेस का कटाक्ष : हाफ पैंट का फुल पैंट होना भी 'विस्तारवाद', सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहा ये ट्वीट

Updated at : 04 Jul 2020 8:18 PM (IST)
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PM पर कांग्रेस का कटाक्ष : हाफ पैंट का फुल पैंट होना भी 'विस्तारवाद', सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहा ये ट्वीट

Nimu: Prime Minister Narendra Modi addresses the Indian troops during his visit to the forward post at Nimu in Ladakh, Friday, July 3, 2020. (PIB/PTI Photo) (PTI03-07-2020_000221B)

Indo-China face-off , Galwan Valley , Ladakh, india china border dispute : भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख पहुंचकर सबको चौंका दिया. लेकिन सैनिकों को संबोधित करने के दौरान चीन का नाम नहीं लिए जाने पर कांग्रेस ने पीएम मोदी की जमकर आलोचना की है.

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नयी दिल्‍ली : भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख पहुंचकर सबको चौंका दिया. लेकिन सैनिकों को संबोधित करने के दौरान चीन का नाम नहीं लिए जाने पर कांग्रेस ने पीएम मोदी की जमकर आलोचना की है.

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री को हमारे देश में घुसपैठ करने वाले देश का नाम लेने से गुरेज क्यों हैं और वह इतने ‘कमजोर’ क्यों हैं. अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी के साथ आरएसएस (राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ) को भी निशाने पर ले लिया. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने ट्वीट किया और लिखा, हाफ पैंट का फुल पैंट होना भी ‘विस्तारवाद’ है.

दरअसल पीएम मोदी ने लद्दाख दौरे में चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा था कि ‘विस्तारवाद’ का युग समाप्त हो चुका है तथा पूरे विश्व ने इसके खिलाफ मन बना लिया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना ने शत्रुओं को जो पराक्रम और ‘प्रचंडता’ दिखायी, उससे दुनिया को देश की ताकत का संदेश मिल गया.

पीएम मोदी के उसी विस्‍तारवाद वाले बयान पर कांग्रेस ने कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया कि हाफ पैंट का फुल पैंअ होना भी विस्‍तारवाद है. मालूम हो 2016 में आरएसएस ने अपने ड्रोस में बदलाव करते हुए हाफ पैंट को फुल पैंट किया था.

इससे पहले भी कांग्रेस की ओर से पीएम मोदी पर लद्दाख यात्रा और चीन मुद्दे पर जमकर हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला, एक हफ्ते में तीसरी बार प्रधानमंत्री ने चीन का नाम एक आक्रमणकारी के तौर पर नहीं लिया. ऐसा क्यों है ? देश के लोगों और हमारे जवानों से अनाम ‘शत्रु’ के बारे में बात करने का क्या मतलब है ? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अभी यह जवाब देना है कि अगर चीन की सेना ने घुसपैठ नहीं की तो फिर 15-16 जून की रात भारतीय जवानों और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प कहां हुई थी? कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, प्रधानमंत्री ने 28 जून, 2020 को मन की बात में चीन का नाम नहीं लिया.

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30 जून, 2020 को राष्ट्र के नाम संदेश में उन्होंने चीन का नाम नहीं लिया. 3 जुलाई, 2020 को सैनिकों से बात में भी उन्होंने चीन का नाम नहीं लिया. उन्होंने सवाल किया, मजबूत भारत के प्रधानमंत्री इतने कमजोर क्यों हैं ? चीन का नाम तक लेने से गुरेज़ क्यों है? चीन से, आंख में आंख डाल कब बात होगी ? कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लद्दाख दौरे की एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए कहा, उन्होंने (इंदिरा) लेह का दौरा किया तो उसके बाद पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया. अब तक देखते हैं वह (मोदी) क्या करते हैं.

गौरतलब है कि लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून की रात भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है. हालांकि शांति को लेकर भी दोनों ओर से लगातार बातचीत जारी है. सीमा विवाद के बीच भारत ने चीन को न केवल सैन्‍य ताकत से जवाब देने की तैयार कर ली है, बल्‍कि आर्थिक रूप से भी ड्रैगन को झटका दिया है. पहली खेप में टिक-टॉक समेत 59 चाइनीज ऐप को भारत ने बैन कर दिया है, जिससे चीन को करोड़ों डॉलर का झटका लगा है.

posted by – arbind kumar mishra

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