MP Elections 2023: मध्य प्रदेश चुनाव में 'गंगा जल' की एंट्री! बीजेपी की बढ़ सकती है टेंशन
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 22 Sep 2023 7:26 PM
MP Elections 2023: कांग्रेस गंगाजल के साथ ही पूर्व सीएम कमलनाथ द्वारा प्रदेश की जनता से किए 11 वादों का लिखा पर्चा भी वितरण करती नजर आएगी. चुनाव से पहले जानें क्या है कांग्रेस की तैयारी...
MP Elections 2023: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कुछ महीने ही रह गये हैं. यहां बीजेपी और कांग्रेस ने कमर कस ली है. दोनों ही पार्टियों की ओर से लगातार बयानबाजी की जा रही है. इस बीच के. के. मिश्रा (अध्यक्ष, मीडिया विभाग, मध्य प्रदेश कांग्रेस समिति) ने कहा है कि कमलनाथ जी ने जो 11 वचन दिए हैं जिन्हें याद दिलाते हुए गंगा जल की बोतल हर घर जाकर दी जाएंगी. इसकी शुरूआत 1-2 दिन में हो जाएगी. यह बहुत अच्छी पहल है क्योंकि जिनती पवित्रता गंगाजल की है उतनी ही पवित्रता कमलनाथ जी के वायदों में हैं.
इधर, मध्यप्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी. डी शर्मा ने कहा है कि आप इतना पाप कर चुके हैं कि लोगों को इतना अविश्वास है आपके खिलाफ कि अब आपको गंगाजल लेना पड़ रहा है. मैं करप्शननाथ (कलमनाथ) और मिस्टर बंटाधार (दिग्विजय सिंह) को कहना चाहता हूं कि आपने जो पाप किए हैं पहले वह धोएं…अगर आप 50 साल तक गंगा स्नान करेंगे तभी आपके पाप नहीं धुलेंगे…
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चुनाव से पहले कांग्रेस ने जो योजना बनाई है उसके अनुसार, पार्टी 10 हजार घरों में गंगाजल की बॉटल बांटेगी. इसकी शुरुआत इंदौर से होगी, फिर धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में गंगाजल का वितरण कांग्रेस की ओर से किया जाएगा. गंगाजल की बॉटल के साथ कांग्रेस पूर्व सीएम कमलनाथ की 11 गारंटी लिखे पर्चे का भी वितरण करेगी. जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार, गंगाजल वितरण की शुरुआत फिलहाल इंदौर से होने जा रही है. इंदौर लोकसभा क्षेत्र में पार्टी के ओबीसी सेल के प्रमुख हिमांशु यादव क्षेत्र में कांग्रेस की कमान संभालेंगे. उनके नेतृत्व में यहां की पांच विधानसभा क्षेत्रों में गंगाजल का वितरण किया जाएगा.
आप इतना पाप कर चुके हैं कि लोगों को इतना अविश्वास है आपके खिलाफ कि अब आपको गंगाजल लेना पड़ रहा है। मैं करप्शननाथ (कलमनाथ) और मिस्टर बंटाधार (दिग्विजय सिंह) को कहना चाहता हूं कि आपने जो पाप किए हैं पहले वह धोएं। अगर आप 50 साल तक गंगा स्नान करेंगे तभी आपके पाप नहीं धुलेंगे:… https://t.co/NXijmA72HK pic.twitter.com/U8Dvfez3Ty
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 22, 2023
क्या हैं कांग्रेस के वादे
कांग्रेस गंगाजल के साथ ही पूर्व सीएम कमलनाथ द्वारा प्रदेश की जनता से किए 11 वादों का लिखा पर्चा भी वितरण करती नजर आएगी. इन 11 वादों में महिलाओं को 1500 रुपये महीने, 500 रुपए में गैस सिलेंडर, 100 यूनिट बिजली का बिल माफ, 200 यूनिट तक आधी बिजली बिल के साथ-साथ किसानों की कर्ज माफी, पुरानी पेंशन योजना लागू करना, 5 हॉर्स पावर सिंचाई की बिजली फ्री, किसानों के बिजली बिल माफ करना, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देना, 12 घंटे सिंचाई के लिए बिजली देना, जातिगत जनगणना कराना और किसानों के मुकदमे वापस लेना शामिल है.
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‘यात्रा की राजनीति’
चुनाव से पहले सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस इस समय ‘यात्रा की राजनीति’ में जुटे हैं. दोनों दल वादे और नीतियों के साथ अपने महत्वपूर्ण मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं और साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं तक पहुंचने के लिए यात्राएं निकाल रहे हैं. दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के वरिष्ठ नेता मतदाताओं और चुनावी एजेंडे के अपने संदेश के साथ राज्य भर में घूम रहे हैं. मध्य प्रदेश में अपनी चुनाव पूर्व ‘‘जन आक्रोश यात्राओं’’ के दौरान कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, दलितों पर अत्याचार और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे उठाए हैं, जबकि भाजपा ने अपनी ‘‘जन आर्शीवाद यात्राओं’’ में सनातन धर्म विवाद, विकास और तुष्टीकरण की राजनीति जैसे मामलों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है. दोनों पार्टियां अपनी चुनाव पूर्व यात्राओं को जनता से ‘भारी’ समर्थन मिलने का दावा कर रही हैं.
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2018 के विधानसभा चुनाव पर एक नजर
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. कांग्रेस ने 114 सीटें हासिल की और सपा, बसपा और स्वतंत्र विधायकों के समर्थन से कमलनाथ के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनाई. हालांकि, मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में उनके समर्थक विधायकों के कांग्रेस से विद्रोह के कारण कमलनाथ सरकार गिर गई. इसके बाद प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक बार फिर बीजेपी सरकार बनी.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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