क्या दिल्ली में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी कांग्रेस? पिछले चुनाव में 'आप' से बेहतर रहा था प्रदर्शन

Edited by Amitabh Kumar
Updated:
विज्ञापन

New Delhi: Congress President Mallikarjun Kharge with party leader Rahul Gandhi during a meeting with Jammu and Kashmir Congress leaders at AICC headquarters, in New Delhi, Tuesday, Dec. 26, 2023. (PTI Photo)(PTI12_26_2023_000389A)

दिल्ली में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी कांग्रेस? कांग्रेस 'न्याय संकल्प सम्मेलन' दिल्ली में कर रही है जिसपर सबकी नजर बनी हुई है. पंजाब और हरियाणा में आम आदमी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. अब देखना है कि आगे क्या होता है.

विज्ञापन

लोकसभा चुनाव के कुछ ही दिन शेष हैं. इसको लेकर सभी पार्टियां कमर कस रहीं हैं. केंद्र की मोदी सरकार से टक्कर लेने के लिए विपक्षी दलों ने एक गठबंधन बनाया है जिसे इंडिया नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस यानी ‘इंडिया’ नाम दिया गया है. अभी गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है लेकिन कुछ राज्यों में कांग्रेस की बात नहीं बन पाई है. इन्ही राज्यों में एक दिल्ली है, जहांआम आदमी पार्टी (आप) अपने पत्ते नहीं खोल रही है. लोगों के मन में अब सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस और ‘आप’ साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ पाएगी, वो भी दिल्ली में? ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों पार्टियां सीट शेयरिंग को लेकर एक टेबल पर बैठ चुकी है लेकिन कोई भी निष्कर्ष नहीं निकल पाया है. इस बीच शनिवार को पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस की एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है जिसे ‘न्याय संकल्प सम्मेलन’ का नाम दिया गया है.

काफी दिनों के बाद कांग्रेस की हो रही है रैली

‘न्याय संकल्प सम्मेलन’ की बात करें तो इसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सम्बोधित करते नजर आएंगे. इस रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी ने पूरा जोर लगाया है. पूर्वी दिल्ली, उतर पूर्वी दिल्ली एवं यमुना पार के इलाकों में पोस्टरों एवं बैनर दिख रहे हैं. पूरा इलाका कांग्रेसमय हो गया. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा इतने बड़े पैमाने पर किसी रैली का आयोजन काफी दिनों के बाद किया जा रहा है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली खुद रैली को सफल बनाने में जुटे हुए हैं. वे सोशल मीडिया पर लोगों से अपील करते भी दिख रहे हैं.

क्या रहा है पिछले दो बार के लोकसभा चुनाव का इतिहास

लोकसभा चुनाव सिर पर है और कांग्रेस दिल्ली में पूरा जोर लगा रही है. इसलिए यहां की स्थिति पर नजर डालना जरूरी है. पिछले दो लोकस चुनाव में मोदी लहर में सभी पार्टियां डूब गईं थी. इसलिए इस बार के चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर चुनावी समर में उतरने की तैयारी कर रहा है. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दिल्ली की सातों सीट पर कब्जा किया था. यदि बात साल 2014 के लोकसभा चुनाव की करें तो इस साल भी बीजेपी ने कांग्रेस और ‘आप’ का सूपड़ा साफ करके सातों सीट पर जीत दर्ज की थी. राजनीतिक गलियारों में खासी हलचल मचाने के बाद भी ‘आप’ को एक भी सीट नहीं मिल पाई थी. वहीं कांग्रेस भी पूरी तरह से साफ हो गई थी. कांग्रेस व ‘आप’ में यदि गठबंधन की सुगबुगाहट परवान नहीं चढ़ी तो ‘आप’, भाजपा व कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला दिल्ली में इस बार देखने को मिल सकता है.

Also Read: सपा की लोकसभा चुनाव के लिए 16 प्रत्याशियों की सूची जारी, मैनपुरी से डिंपल, फिरोजाबाद से अक्षय को टिकट

2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर कौन रहा था दूसरे और तीसरे नंबर पर जानें

  • चांदनी चौक में कांग्रेस दूसरे नंबर पर जबकि आप तीसरे नंबर पर रही थी.

  • उत्तर पूर्वी में कांग्रेस दूसरे नंबर पर जबकि आप तीसरे नंबर पर रही थी.

  • पूर्वी दिल्ली में कांग्रेस दूसरे नंबर पर जबकि आप तीसरे नंबर पर रही थी.

  • नई दिल्ली में कांग्रेस दूसरे नंबर पर जबकि आप तीसरे नंबर पर रही थी.

  • उत्तर पश्चिमी में आप दूसरे नंबर पर जबकि कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी.

  • पश्चिमी दिल्ली में कांग्रेस दूसरे नंबर पर जबकि आप तीसरे नंबर पर रही थी.

  • दक्षिणी दिल्ली में आप दूसरे नंबर पर जबकि कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी.

आपको बता दें कि इंडिया गठबंधन को एक के बाद एक झटके लगते नजर आ रहे हैं. आम आदमी पार्टी पंजाब और हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है. ममता बनर्जी ने भी पश्चिम बंगाल में ‘एकला चलो’ के संकेत दिए हैं. कुछ दिनों से टीएमसी और कांग्रेस के बीच लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola