'चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप… रिजिजू ने दलाई लामा का किया समर्थन तो बौखलाया चीन

Published by :Pritish Sahay
Published at :04 Jul 2025 7:03 PM (IST)
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China on Kiren Rijiju Statement

China on Kiren Rijiju Statement

China on Kiren Rijiju Statement: चीन ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू की एक टिप्पणी पर आपत्ति जताई है. गुरुवार रीजीजू ने कहा था कि अगले लामा का फैसला दलाई लामा को अपनी इच्छा अनुसार करना चाहिए. इसपर चीन बौखला गया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि  इससे भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि भारत को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए और चीन-भारत संबंधों के सुधार और विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दों से बचना चाहिए.

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China on Kiren Rijiju Statement: चीन ने शुक्रवार को अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बयान दिया था कि दलाई लामा को अपनी इच्छानुसार उत्तराधिकारी का चुनाव करना चाहिए. इस पर  चीन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों पर सावधानी से काम करना चाहिए. चीन ने कहा कि इससे भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. मीडिया से बातचीत के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि भारत को 14वें दलाई लामा की चीन विरोधी अलगाववादी प्रकृति के प्रति स्पष्ट होना चाहिए और शिजांग (तिब्बत) से संबंधित मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत को अपने शब्दों और कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए. तिब्बत से संबंधित मुद्दों पर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए और चीन-भारत संबंधों के सुधार और विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दों से बचना चाहिए.

क्या था रिजिजू का बयान

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि अगले दलाई लामा पर फैसला सिर्फ स्थापित संस्था और दलाई लामा लेंगे. उन्होंने कहा कि इस फैसले में कोई और शामिल नहीं होगा. यह दलाई लामा की ओर से अपने उत्तराधिकारी को लेकर की गई टिप्पणी पर सरकार के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी की पहली प्रतिक्रिया है. तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बुधवार को कहा था कि दलाई लामा संस्था जारी रहेगी और केवल ‘गादेन फोडरंग ट्रस्ट’ को ही उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का अधिकार होगा.  रीजीजू की यह टिप्पणी चीन के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा की उत्तराधिकार योजना को खारिज करने और इस बात पर जोर देने के बाद आई है कि भावी उत्तराधिकारी को उसकी मंजूरी मिलनी चाहिए.

बौद्ध धर्म के अनुयायी रिजिजू और उनके साथी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह छह जुलाई को धर्मशाला में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे. रीजीजू ने कहा कि जन्मदिन समारोह एक धार्मिक आयोजन है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.

नए दलाई लामा के लिए चीन से लेनी होगी मंजूरी

माओ ने चीन के इस रुख को दोहराया कि दलाई लामा और तिब्बती बौद्ध धर्म के दूसरे सबसे बड़े धर्म गुरु ‘पंचेन लामा’ के उत्तराधिकारी के लिए घरेलू प्रक्रिया, ‘स्वर्ण कलश’ से निकाले गए भाग्य पत्र और केंद्र सरकार की मंजूरी के अनुरूप कठोर धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार होना चाहिये. उन्होंने कहा कि मौजूदा 14 वें दलाई लामा इस प्रक्रिया से गुजरे थे और तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें मंजूरी दी थी. माओ ने कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चुनाव करते वक्त उन सिद्धांतों को कायम रखना चाहिए और धार्मिक अनुष्ठानों, ऐतिहासिक परंपराओं, चीनी कानून और नियमों का पालन करना चाहिए. संबंधों में सुधार और विकास से संबंधित माओ की टिप्पणियां पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद चार साल से अधिक समय तक गतिरोध के बाद भारत और चीन दोनों की ओर से संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों को संदर्भित करती हैं. (भाषा इनपुट)

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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