भारत के साथ विवाद खड़ा कर चौतरफा फंसा चीन, पोम्पियो के बाद ताइवान के राष्ट्रपति ने बोला जोरदार हमला

Updated at : 10 Oct 2020 6:58 PM (IST)
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भारत के साथ विवाद खड़ा कर चौतरफा फंसा चीन, पोम्पियो के बाद ताइवान के राष्ट्रपति ने बोला जोरदार हमला

पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) समेत भारत की उत्तरी सीमा पर विवाद खड़ा करके कूटनीतिक स्तर पर चीन बुरी तरह फंस गया है. भारत के साथ उसके संबंधों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बाद अब ताइवान के राष्ट्रपति त्‍साई इंग वेन ने खरी-खोटी सुनाई है. ताइवान के नेशनल डे पर दिए अपने भाषण में देश की राष्‍ट्रपति त्‍साई इंग वेन ने चीन पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि चीन दुनियाभर के लोकतंत्रों के लिए चुनौती बन गया है और भारत-चीन सीमा पर झड़प इसका उदाहरण है. राष्‍ट्रपति वेन ने यह भी कहा कि चीन अगर समानता और गरिमा बनाए रखता है और दोनों के बीच संबंध सुधारना चाहता, तो हम सार्थक बातचीत के लिए तैयार हैं.

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वाशिंगटन : पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) समेत भारत की उत्तरी सीमा पर विवाद खड़ा करके कूटनीतिक स्तर पर चीन बुरी तरह फंस गया है. भारत के साथ उसके संबंधों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बाद अब ताइवान के राष्ट्रपति त्‍साई इंग वेन ने खरी-खोटी सुनाई है.

ताइवान के नेशनल डे पर दिए अपने भाषण में देश की राष्‍ट्रपति त्‍साई इंग वेन ने चीन पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि चीन दुनियाभर के लोकतंत्रों के लिए चुनौती बन गया है और भारत-चीन सीमा पर झड़प इसका उदाहरण है. राष्‍ट्रपति वेन ने यह भी कहा कि चीन अगर समानता और गरिमा बनाए रखता है और दोनों के बीच संबंध सुधारना चाहता, तो हम सार्थक बातचीत के लिए तैयार हैं.

राष्‍ट्रपति वेन ने अपने भाषण में कहा, ‘दक्षिण चीन सागर में विवाद, चीन-भारत सीमा पर झड़प, हॉन्‍ग कॉन्‍ग में चीन का दमन यह स्‍पष्‍ट रूप से द‍िखाता है कि हिंद-प्रशांत इलाके में लोकतंत्र, शांति और समृद्धि गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.’ उन्‍होंने कहा कि हम अपनी रक्षा की क्षमता को बढ़ा रहे हैं और सेना हमारा भविष्‍य है. इसे लगातार मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे.

ताइवान के राष्ट्रपति ने कहा कि हम लगातार देश में अत्‍याधुनिक हथियार और सबमरीन बना रहे हैं. हम अत्‍यंत प्रशिक्षित जवानों को तैयार करने पर काम कर रहे हैं. राष्‍ट्रपति ने कहा कि चीनी सेना पीएलए की गतिविधियां अनुचित हैं. हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देश कई गठबंधन कर रहे हैं, ताकि उनकी उनकी राष्‍ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र बाहरी प्रभाव से प्रभावित न हो. उन्‍होंने कहा कि अगर चीन अपनी दुश्‍मनी को भुलाने और समानता तथा गरिमा के आधार पर संबंधों को सुधारने के लिए इच्‍छुक है तो हम सार्थक बातचीत के लिए तैयार हैं.

इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ‘खराब बर्ताव’ और क्वाड समूह के देशों के सामने खतरे पैदा करने के लिए चीन को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि उसने भारत की उत्तरी सीमा पर 60,000 सैनिक तैनात किए हैं. अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया पर आधारित ‘क्वाड’ देशों के विदेश मंत्री मंगलवार को तोक्यो में मिले थे.

कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद से व्यक्तिगत उपस्थिति वाली यह उनकी पहली वार्ता थी. यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के आक्रामक सैन्य बर्ताव की पृष्ठभूमि में हुई. इस बैठक से लौटने के बाद पोम्पियो ने शुक्रवार को गाइ बेनसन शो पर कहा, ‘भारतीय देख रहे हैं कि उनकी उत्तरी सीमा पर 60,000 चीनी सैनिक तैनात हैं.’

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Posted By : Vishwat Sen

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